4 सालों में सबसे कम आई FDI, भारत में 2017-18 में 3 फीसदी की हुई वृद्धि

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 9 जून ): भारत में 2017-18 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) करीब 3 फीसदी बढ़कर 61.96 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। माना जा रहा है कि सरकार द्वारा कारोबारी माहौल में सुधार और एफडीआई नीतियों को उदार बनाने के चलते यह वृद्धि हासिल हुई है।

औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने शुक्रवार को इस वृद्धि की जानकारी दी। इसमें इक्विटी निवेश, पुनर्निवेश की गई आय और अन्य पूंजी शामिल है।बता दें कि वित्त वर्ष 2016-17 में देश में 60 अरब डॉलर का विदेशी निवेश हुआ था। रमेश अभिषेक ने कहा कि मोदी सरकार के चार साल के दौरान विदेशी पूंजी निवेश उछलकर 222.75 अरब डॉलर रहा, जो कि इससे पिछले चार वर्षों के दौरान 152 अरब डॉलर रहा था। पिछले चार वर्षों में सरकार ने रक्षा, चिकित्सा उपकरण , निर्माण विकास, खुदरा और नागरिक-विमानन जैसे क्षेत्रों में एफडीआई नियमों को उदार बनाया है।अत्यधिक विदेशी निवेश प्राप्त करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में सेवा, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, दूरसंचार, निर्माण, ट्रेडिंग और वाहन क्षेत्र शामिल हैं। बता दें कि भारत में विदेशी निवेश के प्रमुख स्रोतों में मॉरीशस, सिंगापुर, जापान, नीदरलैंड, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात हैं।हालांकि, संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 2016 के 44 अरब डॉलर की तुलना में 2017 में घटकर 40 अरब डॉलर रह गया। जबकि इस दौरान भारत से दूसरे देशों में होने वाला विदेशी निवेश दोगुने से भी अधिक रहा।भारत के लिए विदेशी पूंजी प्रवाह आवश्यक है, क्योंकि बंदरगाह, हवाई अड्डे और राजमार्गों जैसे बुनियादी ढ़ांचे में आमूल चूल परिवर्तन के लिए भारी मात्रा में निवेश की जरूरत होती है। एफडीआई से प्राप्त पूंजी देश की भुगतान स्थिति में संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करती है और अन्य वैश्विक मुद्राओं , विशेषकर डॉलर के मुकाबले रुपए को मजबूत बनाता है।एफडीआई से जुड़े मामलों पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि सरकार ने विदेशी निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अधिकांश क्षेत्रों में एफडीआई प्रायोजन के लिए स्वचालित मार्ग उपलब्ध है।