हां, एलियंस हैं, 'अपोलो-10 के एस्ट्रोनॉट्स ने सुना था उनका म्यूज़िक '

 

नई दिल्ली (24 फरवरी): मई 1969 में चांद का चक्कार लगा रहे अपोलो 10 के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा रिकॉर्ड की गयी स्पेस म्यूज़िक साउंड को नासा ने पहली बार सार्वजनिक कर दिया है। कहा जा रहा है कि ये साउंड एलियंस के म्यूज़िक की है। जिसे पहली बार अपोल -10 में सवार थॉमस स्टेफॉर्ड,जॉन यंग और यूजीन कैरनन ने सुना और रिकॉर्ड किया था।

गल्फ न्यूज़ डॉट कॉम' ने लिखा है कि नासा ने इसकी ट्रांस्क्रिप्ट 2008 मे जारी कर दी थी लेकिन ऑरिजनल साउंड हल-फिल्हाल में जारी की है। इस साउंड को लेकर दुनिया भर में एलियंस के अस्तित्व को लेकर बहस शुरु हो गयी है। हालांकि खुद नासा ने एक अजनबी सी म्यूज़िक साउंड को जारी करते हुए कैप्शन लिखा है, यह एलियंस की आवाज़ तो हो ही नहीं सकती है। नासा के इसी कैप्शन ने संदेह और मजबूत किया है। इसी बहस को आगे बढ़ाते हुए अपोलो-15 के एस्ट्रोनॉट ऐल वोर्डन ने कहा है कि हम ये क्यों नहीं मानते कि जो रिकॉर्ड हुआ है तो इसका मतलब है कि वहां कुछ जरूर था। हमें इस रहस्य की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

हालांकि वोर्डन के तर्क को खारिज करते हुए अमेरिकी स्पेस एजेंसी के एक रेडियो इंजीनियर ने कहा है कि अपोलो-10 के एस्ट्रोनॉट्स ने जो आवाज़े सुनी वो लूनर मॉड्यूल और कमांड मॉड्यूल की रेडियो वेव्स के आप में टकराने से पैदा हो रही होगी। जिसे उन्होंने गलती से एलियंस का म्यूज़िक मान लिया।