जेल में वेस्टर्न कमोड नहीं था, गोल्ड रॉबरी के आरोपी सैन्य अफसर को ज़मानत मिली

नई दिल्ली (2 जून) : आइजोल की एक कोर्ट ने असम राइफल्स की 39वीं बटालियन के कमांडेट कर्नल जसजीत सिंह को 60 दिन की अंतरिम ज़मानत दे दी है। निलंबित चल रहे कर्नल जसजीत सिंह को स्वास्थ्य कारणों की वजह से अंतरिम जमानत दी गई। उनके वकीलों ने शिकायत की थी कि जेल में वेस्टर्न कमोड नहीं होने और सिर्फ इंडियन टॉयलेट सीट होने की वजह उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नल जसजीत सिंह आईजोल के पास तनहरिल की सेंट्रल जेल में 17 मई से न्यायिक हिरासत में रहे। कर्नल पर आरोप है कि उन्होंने 14 दिसंबर 2015 को अपनी कमांड के सैनिकों को आइजोल-लुंगलेई हाईवे पर एक ट्रक को पकड़ उस पर लदा तस्करी का सोना लूटने के लिए उकसाया था।

आइजोल की डिस्ट्रिक एंड सेशंस जज ने मंगलवार को सिंह को अंतरिम जमानत दे दी। सिंह को 10 लाख रुपए के बॉन्ड पर ज़मानत दी गई। साथ ही आदेश दिया गया कि ज़मानत की अवधि के दौरान वे आइजोल ना छोड़ें।

सिंह के वकीलों ने दलील दी कि ड्यूटी के दौरान सियाचिन में कर्नल सिंह को चोट लगी थी। उनकी रीढ़ की हड्डी में भी एक बार फ्रैक्चर हो चुका है। इसलिए वे इंडियन टॉयलेट सीट पर नहीं बैठ पाते। वकीलो के मुताबिक सिंह को 40 फीसदी डिसएबिलिटी है।

  

सिंह के वकीलों के मुताबिक जेल के डॉक्टर ने सर्टिफिकेट दिया है कि सिंह टांग में सूजन , बुखार और दर्द की वजह से सो भी नहीं पा रहे। वकीलों ने सिंह को मेडिकल बोर्ड, दिल्ली कैंट के अध्यक्ष से मिला सर्टिफिकेट भी अदालत सौंपा। साथ ही सेंट्रल जेल के डॉक्टर का मेडिकल प्रेसक्रिप्शन भी कोर्ट को सौंपा।