चीन-अमेरिका में तनाव के बीच एशियाई देशों को भारत से नेतृत्व की आस

नई दिल्ली (20 फरवरी): अमेरिका-चीन का रिश्ता तनाव से बोझिल हो रहा है। ऐसे में एशियाई देश संतुलन साधने वाली शक्तियों की तलाश में जुट गए हैं जो आक्रामक चीन और अनिश्चित अमेरिका- दोनों के खतरों को बेअसर कर सके। अगले कुछ सप्ताह और महीनों में भारत एशियाई देशों के साथ पहले से मजबूत तालमेल को और बढ़ाने की योजना पर काम करने जा रहा है ताकि विभिन्न गठजोड़ों के जरिए यह खुद को इलाके की नेतृत्वकारी ताकत के रूप में उभार सके।

वियतनाम के विदेश मंत्री फाम बिन मिन और उप-राष्ट्रपति आने वाले सप्ताह में भारत दौरे पर आएंगे। मलयेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रजाक की भी भारत आने की संभावना है, वहीं भारत इसी साल ऑस्ट्रेलियाई पीएम मैलकम टर्नबुल की भी मेजबानी कर सकता है। इधर, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी अप्रैल में भारत आ सकती हैं, जबकि विदेश सचिव एस जयशंकर अभी श्री लंका, चीन और बांग्लादेश के दौरे पर हैं। उनका यह दौरा पड़ोसी देशों के साथ राब्ता कायम रखने के साथ-साथ इन देशों के साथ मजबूत रिश्तों के जरिए एशिया में भारत की भूमिका को विस्तार देने की कवायद के लिहाज से देखा जा सकता है।