ताजमहल का दीदार करने के लिए मिलेंगे सिर्फ 3 से 4 घंटे

नई दिल्ली(23 अगस्त): दुनिया के सात अजूबों में शुमार आगरा के ताजमहल का दीदार करने के लिए अब कम समय मिलेगा। आर्केलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) लगातर बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ताजमहल देखने का समय कम करने जा रहा है। प्रत्येक दर्शक को तीन से चार घंटे का समय मिल सकता है। उसने सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान इस बाबत जानकारी दी।

कोर्ट ने पूछा, भीड़ कैसे रोकोगे?

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने विभाग से भीड़ को नियंत्रित करने के उपाय पूछे थे। एएसआई के काउंसल एडीएन राव ने बताया कि विभाग ने नया प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अनुसार, ताजमहल जिस तरह से जितने घंटों के लिए खोला जाता है, वैसे ही खुलेगा लेकिन प्रत्येक दर्शक के लिए परिसर में जाने का समय तीन से चार घंटे करने का विचार है। इससे हर कोई बिना भीड़ के बारी-बारी से ताजमहल का दीदार कर सकेगा।

हर सेशन के लिए अलग रंग का टिकट

एडीएन राव ने कोर्ट को बताया कि विभाग विभिन्न सेशन में दर्शकों को ताजमहल के मुख्य द्वारा से प्रवेश करने की अनुमति देगा। हर सेशन के लिए अलग रंग का टिकट जारी करने का निर्णय किया गया। प्रत्येक सेशन का अधिकतम समय तीन से चार घंटे होगा। अगर कोई चार घंटे से ज्यादा समय तक अंदर है तो अलग-अलग रंग के टिकट से ऐसे सैलानियों की पहचान की जा सकेगी। उन्हें नियम के अनुसार, बाहर बुलाया जा सकेगा। विभाग ने कहा कि हम इन प्रस्ताव को जल्द लागू करने जा रहे हैं। इन पर गंभीरता से विचार किया जा चुका है।

सुबह से रात तक रहते हैं ज्यादातर सैलानी

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के पास एक याचिका आई थी। इसमें कहा गया था कि ताजमहल में लगातार भीड़ बढ़ रही है। इसे नियंत्रित किया जाना चाहिए। कोर्ट ने एएसआई से पूछा कि लोग टिकट लेकर सुबह प्रवेश करते हैं और ताजमहल के द्वार बंद होने तक शाम तक अंदर रहते हैं। सुनवाई के दौरान कहा गया कि इससे बाकी लोग ताजमहल का दीदार नहीं कर पाते। अफरातफरी का माहौल होता है। कैसे नियंत्रित कर रहे हो? बहरहाल, पुरातत्व विभाग के पास रोजाना सैकड़ों सैलानी भीड़ की शिकायत करते हैं।

ताज के अंदर दीदार करने का समय बढ़ाने की मांग ताजमहल के अंदर मकबरे का दीदार करने का समय फिलहाल निश्चित है। आठ सेशन में दर्शकों को अंदर जाने दिया जाता है। एक सेशन अधिकतम30 मिनटका है। एएसआई ने कोर्ट से समय 30 मिनट से 45 मिनट तक बढ़ाने की मांग की। उसने कहा कि हम चाहते हैं कि आठ की जगह केवल पांच सत्र आयोजित होने चाहिए। इससे हर किसी को अधिक समय मिलेगा। एक समय पर ज्यादा लोग जाने से भीड़ काबू करने में आसानी होगी। ध्यान रहें कि ताजमहल परिसर में घूमने और ताजमहल के अंदर मकबरे में जाने के नियम अलग हैं।