महाभारत काल में 'लाक्षागृह' के राज से अब उठेगा पर्दा

नई दिल्ली(2 नवंबर): पुरातत्‍वविद और स्‍थानीय इतिहासकारों की सालों से की जा रही मांग के बाद भारतीय पुरातत्‍व विभाग 'लाक्षागृह' के खुदाई पर सहमति हो  गई है। महाभारत में 'लाक्षागृह' की महत्‍वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। कौरवों ने लाख से इसको बनवाया था और इसमें पांडवों को जिंदा जलाने की साजिश रची गई थी, लेकिन सुरंग के माध्‍यम से पांडवों ने निकलकर अपनी जान बचाई थी। 

- एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्‍थल के ऐतिहासिक साक्ष्‍य बागपत के बरवाना क्षेत्र में मिलते हैं। बरनावा का पुराना नाम वर्णाव्रत माना जाता है।  यह भी कहा जाता है कि ये उन पांच गावों में शुमार था, जिनको पांडवों ने कौरवों से मांगा था। 

- एएसआई अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर के पहले सप्‍ताह में स्‍थल की खुदाई का काम शुरू होगा और अगले तीन महीनों तक चलेगा। पुरातत्‍व विभाग के साथ इंस्‍टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी के छात्र भी खुदाई के काम में सहयोग देंगे। 

- उल्‍लेखनीय है कि यह जगह ऐतिहासिक चंदयान और सिनौली स्‍थल के निकट है।

-  2005 में सिनौली की खुदाई से हड़प्‍पा काल के शवदाह स्‍थल का पता चला था। इस जगह से अस्थियां और बड़ी मात्रा में बर्तन मिले थे। इसी तरह 2014 में चंदयान गांव से तांबे का एक क्राउन मिला था।