शतक जड़ने के बाद गरजे अश्विन

नई दिल्ली(23 जुलाई): वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा टेस्ट शतक जड़ने वाले भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने शीर्ष सात में बल्लेबाजी करने की इच्छा जताई है जो लंबे समय से उनका लक्ष्य है।

अश्विन ने 253 गेंद में 113 रन की पारी खेली और दोहरा शतक जड़ने वाले कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन भारत का स्कोर आठ विकेट पर 566 रन पारी घोषित तक पहुंचाया।

अश्विन ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मैं हमेशा भारतीय टीम के लिए शीर्ष सात में बल्लेबाजी करना चाहता था, जो मेरा लंबे समय से लक्ष्य रहा है और मैं इसे बेहतर करने की कोशिश करता रहूंगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अनिल कुंबले और विराट को धन्यवाद देने की जरूरत है कि उन्होंने मुझे पर भरोसा दिखाया और मुझे छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा। अतीत में मैंने कुछ काफी अच्छी पारियां खेली हैं और मुझे उपर नहीं भेजा गया।’’ अश्विन ने कहा, ‘‘कोहली ने सुबह मुझे बुलाया और कहा कि तुम साहा से पहले छठे नंबर पर बल्लेबाजी करोगे जो मेरा बल्लेबाजी में मेरा मनोबल बढ़ाने के लिए बड़ी चीज थी। मैंने चेन्नई में अपने कोच के साथ एक महीने में इस पर काफी काम किया है और नतीजे से मैं काफी खुश हूं। ’’

अपनी बल्लेबाजी में सुधार के संदर्भ में अश्विन ने कहा, ‘‘सबसे पहले तो संजय बांगड़ ने पिछले 12 महीने में मेरे स्टांस पर काफी करीब से काम किया है। यह चुनौती था। मैं कुछ ज्यादा ही साइड ऑन रहता था और मुझे खुद को थोड़ा खोलना पड़ा। यह बदलाव काफी प्रभावी रहा। मैंने लंबे समय से मैदान पर सीधा शॉट नहीं लगाया था। इसका असर दिख रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद मेरी शुरूआती मूवमेंट में सुधार किया। यह प्रकिया 10 से 12 महीने चली और इस दौरान मैंने बल्लेबाज के रूप में कुछ पारियां गंवाई।  मैंने कभी इतनी गेंदें नहीं छोड़ी। अजिंक्य रहाणे ने मैच से पहले 200 गेंद खेलने की बात कही थी, मेरा लक्ष्य 150 गेंद खेलना और फिर यह देखना था कि मैं कहां पहुंचता हूं।’’

अश्विन ने कहा, ‘‘इस बीच गैब्रियल का एक ओवर मैंने खेला और कोहली ने मुझे आकर कहा कि टेस्ट क्रिकेट में अधिक सफल होने के लिए मुझे इससे ही बचने की जरूरत है। मैंने सचमुच में सोचा कि मैं गेंद को काफी अच्छी तरह छोड़ रहा था और मुझे पता था कि मेरी आफ स्टंप कहां है। मैं इस बार रन से अधिक समय के लिए खेल रहा था।’’