राजस्थान के नए मुख्यमंत्री होंगे अशोक गहलोत, सचिन पायलट डिप्टी सीएम


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 दिसंबर): कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान के लिए सीएम के नाम का ऐलान कर दिया है। राजस्थान में अशोक गहलोत प्रदेश के नए सीएम होंगे तो वहीं सचिन पायलट डिप्टी सीएम होंगे। इससे पहले सीएम के नाम को लेकर कांग्रेस पार्टी को काफी माथापच्ची करनी पड़ी। राजस्थान में अशोक गहलोत के अलावा सचिन पायलट का नाम भी सीएम के रूप में आगे चल रहा था।


बता दें कि राजस्थान के चुनाव नतीजों के दो दिन बाद भी कांग्रेस सूबे के अगले मुखिया पर फैसला नहीं कर पाई थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद के दोनों दावेदारों, अशोक गहलोत और सचिन पायलट से अलग-अलग मुलाकात की लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया। राजस्थान की कमान किसे सौंपी जाए, इस पर अब आखिरी फैसला राहुल को करना था, लेकिन बढ़त गहलोत के पक्ष में मानी जा रही थी।


राजस्थान की बात करें तो वहां सीएम की रेस में गहलोत पहले से ही आगे चल रहे थे, लेकिन सचिन पायलट उन्हें कड़ी टक्कर देते दिख रहे थे। यहां पार्टी आलाकमान ने तजुर्बे और युवा चेहरे के बीच तजुर्बे को चुना है। अशोक गहलोत पहले भी राजस्थान के सीएम रह चुके हैं और उन्हें काफी अनुभव है, वहीं सचिन पायलट राजस्थान में युवाओं के चहेते हैं। इसके अलावा कांग्रेस नेतृत्व के भी वह पसंदीदा चेहरे हैं।


राहुल से पहले मिले पायलट और गहलोत 


जयपुर में बुधवार को देर रात तक मुख्यमंत्री के नाम पर बैठकों का दौर चला, लेकिन कोई आम सहमति नहीं बन पाई। गुरुवार को दोनों दावेदार कांग्रेस अध्यक्ष के दरबार में हाजिर हुए। सबसे पहले सचिन पायलट राहुल के आवास पर पहुंचे। दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक बात हुई। पायलट के निकलने के ठीक बाद अशोक गहलोत मिलने पहुंचे। गहलोत ने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले इस बात का ध्‍यान रखें कि चार महीने बाद लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। 


कौन हैं जानिए अशोक गहलोत 


अशोक गहलोत का जन्म 3 मई 1951 को जोधपुर (राजस्थान) में हुआ। गहलोत ने विज्ञान और कानून में ग्रैजुएशन की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र विषय में पीजी किया। अशोक गहलोत के पूर्वजों का पेशा जादूगरी था। गहलोत के पिता स्व. लक्ष्मण सिंह गहलोत जादूगर थे। खुद गहलोत ने भी अपने पिता से ही जादू सीखा था। कुछ वक्त उन्होंने इस पेशे में हाथ भी आजमाए। लेकिन अशोक की नियति यह नहीं थी, उन्हें तो राजनीति के मैदान में जनता के बीच रहना था। 



गहलोत, स्टूडेंट लाइफ से ही राजनीति में दिलचस्पी रखने लगे थे। स्कूली दिनों से ही वे समाजसेवा में भी सक्रिय हो चुके थे। 1973 से 1979 में कांग्रेस के छात्र संगठन, NSUI के राजस्थान प्रेसिडेंट भी रहे। वह 7वीं लोकसभा के लिए वर्ष 1980 में पहली बार जोधपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। उन्होंने जोधपुर संसदीय क्षेत्र का 8वीं लोकसभा, 10वीं लोकसभा, 11वीं लोकसभा और 12वीं लोकसभा में संसदीय चुनाव जीता। 



गहलोत ने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पी.वी.नरसिम्हा राव के मंत्रिमंडल में केन्द्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया। वे दो बार केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। जबकि दो बार मुख्यमंत्री के तौर पर राजस्थान की सरकार का नेतृत्व भी किया। वह पहली बार 1 दिसबंर 1998 में को मुख्यमंत्री बने और पांच साल तक कांग्रेस सरकार चलाई। इसके बाद 2008 में फिर कांग्रेस को सत्ता मिली और इस बार गहलोत ही दूसरी बार मुख्यमंत्री बने।