खुशखबरीः जिओ 4जी की एक और बड़ी जीत!

नई दिल्ली (1अप्रैल): खुद को देश का सबसे फास्ट नेटवर्क बताने वाली भारती एयरटेल को ऐडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया ने बड़ा झटका दिया है। काउंसिल ने एयरटेल से उस विज्ञापन को बदलने या उसे वापस लेने का आदेश दिया है जिसमें कंपनी ने अपने आप को 'आधिकारिक' तौर पर सबसे तेज नेटवर्क बताया है। काउंसिल ने यह फैसला जियो की शिकायत पर दिया है। एयरटेल से कहा गया है कि या तो वह विज्ञापन में परिवर्तन करे या 11 अप्रैल तक उसे वापस ले।


जियो ने एएससीआई से की गई शिकायत में कहा था कि एयरटेल को 'आधिकारिक तौर पर सबसे तेज' बताने वाला विज्ञापन गलत और भ्रामक है। जियो ने यहां तक आरोप लगाया था कि एयरटेल ने ब्रॉडबैंड स्पीड टेस्टर ऊकला  के साथ मिलीभगत कर यह तमगा हासिल किया है। एएससीआई ने जियो के पक्ष में फैसला सुनाया। उसकी फास्ट ट्रैक कंप्लेंट कमिटी (एफटीसीसी) ने विज्ञापन को भ्रामक माना है। एएससीआई के आदेश में कहा गया है, एफटीसीसी ने ट्राई की वेबसाइट की मदद से एयरटेल और जियो के कवरेज को देखा और पाया कि एयरटेल और जियो 4G के ग्राहकों के भौगोलिक फैलाव में काफी गैप है जिससे दोनों के बीच होने वाली तुलना पर असर पड़ सकता है। इस आंकड़े के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि एयरटेल के विज्ञापन में किया जा रहा दावा सही नहीं है और तुलना के लिए जानबूझकर ऐसा आधार चुना गया है ताकि ऐड देने वाले को फायदा मिल सके।'