PoK में CPEC के निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ तेज

नई दिल्ली ( 15 मई ): चीन के सबसे ज्यादा महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट 'वन बेल्ट वन रोड' को लेकर पेइचिंग में शिखर बैठक हो रही है। पाक अधिकृत कश्मीर ( पीओके) में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के निर्माण के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर चुका है। CPEC के निर्माण का गिलगित-बाल्टिस्तान में सैकड़ों प्रदर्शनकारी विरोध कर रहे हैं।


गिलगित, हुंजा, स्कर्दू और गीजर में कोराकोरम स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन, बलावरिस्तान नैशनल स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन, गिलगित बाल्टिस्तान यूनाइटेड मूवमेंट और बलवारिस्तान नैशनल फ्रंट के तमाम छात्र और राजनीतिक संगठन CPEC के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी CPEC प्रॉजेक्ट को गिलगित पर अवैध कब्जे की कोशिश के तौर पर बता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक CPEC गिलगित-बाल्टिस्तान की 'गुलामी की सड़क' है।


CPEC भी चीन के 'वन बेल्ट वन रोड' प्रॉजेक्ट का हिस्सा है। गिलगिट के लोग CPEC और OBOR को चीन द्वारा उनके भूभाग पर कब्जे की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। 'चीनी साम्राज्यवाद बंद हो' लिखी तख्तियों के साथ प्रदर्शनकारियों ने विश्व समुदाय से गिलगित में चीन के अतिक्रमण को रोकने की अपील की है।


प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गिलगित 1948-49 से ही विवादित क्षेत्र रहा है और चीन यहां पाकिस्तान की मदद से अवैध तौर पर घुस गया है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक चीन CPEC के बहाने पाकिस्तान में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। गिलगित बाल्टिस्तान थिंकर्स फोरम के संस्थापक वजाहत खान के कहा कि चीन गिलगित-बाल्टिस्तान में अपने मिलिटरी बेस स्थापित कर रहा है। चीन और पाकिस्तान दोनों ने CPEC के उद्देश्य को हासिल करने के लिए क्षेत्र के लोगों का दमन किया है और उनकी चिंताओं का ख्याल नहीं रखा है। तमाम राजनीतिक और मानवाधिकार संगठन गिलगित-बाल्टिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंताएं जाहिर कर चुके हैं।