ममता का बड़ा ऐलान, केंद्र में सरकार बनाने की बारी आई तो कांग्रेस-सीपीएम का देंगे साथ

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 फरवरी): लोकसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरने की हर मुमकिन कोशिश में जुटी है। इसी कड़ी में पहले कोलकाता में ममता बनर्जी के मंच पर तमाम विपक्षी नेता जुटे। वहीं आज दिल्ली में जंतर मंतर पर आयोजित केजरीवाल की रैली में भी कई बड़े नेता पहुंचे। इस रैली में ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू समेत तमाम विपक्षी नेता जुटे। रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि आज मोदी जी का संसद में आखिरी दिन है। एक महीने बाद आचार संहिता लग जाएगी। सिर्फ 20 दिन का मामला है। उसके बाद मोदी जो चाहें, नहीं कर पाएंगे। फिर सब कुछ चुनाव आयोग के नियंत्रण में होगा। सिर्फ 20 दिन की बात है। जो डरते हैं वह मरते हैं। जो लड़ते हैं वह जीतते हैं और कामयाब होते हैं। हम डरते नहीं हैं। हम कायर नहीं हैं, लड़ने वाले हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि देश में फिलहाल इमरजेंसी से भी खतरनाक हालात हैं। लगे हाथों ममता बनर्जी ने कांग्रेस और सीपीएम के साथ अपने पार्टी की स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी इन दोनों पार्टी से लड़ाई जारी रहेगा लेकिन केंद्र में सभी साथ रहेंगे।

इस रैली में प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से नाराज चल रहे बिहारी बाबू यानी शत्रुघ्न सिन्हा भी पहुंचे। अरविंद केजरीवाल के मंच से शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री मोदी पर जोरदार हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने खुलकर कहा कि "चौकीदार चोर है"। इसके अलावे उन्होंने इस नारे को आम लोगों को भी बोलने के लिए कहा। तानाशाही हटाओ, लोकतंत्र बचाओ सत्याग्रह' को संबोधित करते हुए बीजेपी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को अपना छोटा भाई बताया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पुछा कि क्या वो हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री हैं या फिर पाकिस्तान के? साथ ही केजरीवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस बार वोट देते समय किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति को चुने। केजरीवाल ने कहा कि 5 साल पहले पिछली सरकार के खिलाफ आंदोलन हुआ। अब संसद के आखिरी दिन आज ये आंदोलन हो रहा है। मोदी जी ने सीबीआई के 40 अफसर कोलकाता भेजे थे। मोदी जी ने चुनी हुई सरकार पर अतिक्रमण करने के लिए भेजा था। उस दिन अगर कोलकाता के पुलिस कमिश्नर गिरफ्तार हो जाते तो पूरे देश में संदेश जाता कि आपको राज्य सरकारों से डरने की जरूरत नहीं है, केंद्र सरकार से डरना है। ममता बनर्जी को मैं सैल्यूट करना चाहता हूं कि उन्होंने संविधान का साथ दिया।

वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उस खून को याद करना चाहिए जो जलियावाला कांड में बहा था वो धर्म में बांटा नहीं जा सकता। ना हिन्दू का और ना मुसलमान का, ये हर हिंदुस्तानी का भारत है। फारूक ने कहा कि देश को उनसे बचाना है जो देश को तोड़ रहे हैं, लेकिन हम इनको आसानी से नहीं हटा सकते जब तक हमारे दिल साफ़ नहीं होंगे। फारूक ने कहा कि लोग कहते हैं हम प्रधानमंत्री बनेंगे, अरे पहले आज के प्रधानमंत्री को हटाओ तब तो प्रधानमंत्री बनोगे।