केजरीवाल ने मिलाए नीतीश से सुर, 'गवर्नर की नियुक्ति में ली जाए CM की राय'

नई दिल्ली (16 जुलाई): राजधानी में शनिवार को इंटर-स्टेट काउंसिल की मीटिंग हुई। जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी मांगें रखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कही बातों का पूरा समर्थन किया।

बता दें, सीएम नीतीश कुमार ने मीटिंग में कहा, "बिहार सरकार का मानना है कि मौजूदा लोकतांत्रिक ढांचे में गवर्नर की पोस्ट की ज़रूरत ही नहीं है। अगर ऐसा मुमकिन नहीं हो तो गवर्नर की नियुक्ति में मुख्यमंत्री से भी राय ली जाए।" जिसके केजरीवाल ने कहा,"नीतीश कुमार ने सही बातें कही हैं।"

केजरीवाल की मांगें-

- मैंने सरकार से अपील की कि सभी किसानों के लोन माफ किए जाएं।

- स्वामीनाथन रिपोर्ट के तहत उन्हें फसलों के सही दाम मुहैया कराए जाएं।

- मैंने दाल के बढ़ते दामों का मु्द्दा भी उठाया। बढ़ते दामों का कारण यह है कि इसका कंट्रोल कुछ ट्रेडर्स के हाथ में ही है।

- दिल्ली को 5 हजार करोड़ रुपए मिलने चाहिए। जो 14वें वित्त आयोग के तहत बकाया है।

- केंद्र को अस्पतालों में सभी टेस्ट्स और जांचों को मुफ्त करना चाहिए।

- अगर एक राज्य में बहुमत फेल हो जाता है, तो राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।

- नीतीश कुमार ने सही बातें कही हैं।

क्या बातें कहीं नीतीश ने

- नीतीश ने केंद्र और राज्यों के संबंधों के हवाले में कहा कि जब लगे मुख्यमंत्री राजधर्म नहीं निभा रहा तभी केंद्र को दखल देना चाहिए। लेकिन यह संविधान के मुताबिक दुर्लभ से दुर्लभ स्थिति में ही होना चाहिए। - बिहार सरकार का मानना है कि मौजूदा लोकतांत्रिक ढांचे में गवर्नर की पोस्ट की ज़रूरत ही नहीं है। अगर ऐसा मुमकिन नहीं हो तो गवर्नर की नियुक्ति में मुख्यमंत्री से भी राय ली जाए। - केंद्र में नई सरकार आने पर राज्यों में गवर्नरों के बदले जाने के चलन पर रोक लगे।