निजी केस लड़ने के लिए केजरीवाल ने सरकारी खजाने से मांगे 3 करोड़ 86 लाख

नई दिल्ली (4 अप्रैल): दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

केजरीवाल की तरफ से निजी केस लड़ने के लिए सरकारी खजाने से 3 करोड़ 86 लाख रुपये के भुगतान की मांग की गई है।


दरअसल केजरीवाल पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मानहानि का केस किया हुआ है। इस केस में केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी हैं। उनकी फीस 3 करोड़ 86 लाख रुपये बनती है। इसे चुकाने के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल को दिल्ली सरकार ने चिट्ठी लिखी है। बताया जा रहा है कि इस पर एलजी ने कानूनी राय मांगी है।


जेठमलानी की तरफ से एक करोड़ रुपये रिटेनर और हर सुनवाई के लिए 22 लाख रुपये की फीस रखी गई। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और कानून मंत्री की हैसियत से मनीष सिसोदिया ने 21 दिसंबर 2016 को प्रशासनिक विभाग को लिखे नोट में बिल का भुगतान करने को कहा था। उसमें ये भी जिक्र किया गया था कि फाइल को उप राज्यपाल के पास भेजने की जरुरत नहीं है।


आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जेटली पर डीडीसीए में वित्तीय गड़बड़ियां करने का आरोप लगाया था। इसके खिलाफ जेटली ने दिसंबर 2015 में केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई नेताओं खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। केजरीवाल की तरफ से जेठमलानी 13 बार कोर्ट में पेश हुए। और उसी का 3 करोड़ 86 लाख रुपये का ये भारी भरकम बिल है।


इससे पहले सरकारी खजाने से जासूसी कराने के आरोप भी केजरीवाल पर लग चुके हैं। इसी तरह कई राज्यों में प्रचार पर 97 करोड़ रुपये जनता के खजाने से लुटाने के आरोप भी उन पर हैं। और अब निजी केस के लिए सरकारी खजाने के इस्तेमाल के आरोपों से वो घिरते नजर आ रहे हैं।