"बीजेपी के वकीलों हाईकोर्ट का जज बनाना चाहती है सरकार"

नई दिल्ली (14 अगस्त): सुप्रीम कोर्ट में जजों के अप्वाइंटमेंट को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। रविवार को ट्वीट करते हुए सवाल किया, क्या सरकार कोलेजियम की सिफारिशों को मानने की बजाय 'बीजेपी के वकीलों’ को हाईकोर्ट का जज बनाना चाहती है। दिल्ली के सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि यह सरकार न्यायपालिका के कामकाज में दखल देने की कोशिश कर रही है।

जजों के नामों को मंजूरी क्यों नहीं दे रही सरकार... - केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम के सुझाए गए नामों को मंजूरी क्यों नहीं दे रही है? - क्या सरकार बीजेपी के वकीलों को हाईकोर्ट जज अप्वाइंट करना चाहती है।

केजरीवाल का ये कमेंट क्यों? - बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों के तबादले और नियुक्तियों से जुड़े कोलेजियम के फैसले पर अमल नहीं करने को लेकर हाल ही में केंद्र सरकार के खिलाफ सख्त टिप्पणी की थी। - सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा था कि 8 महीने से कॉलेजियम की तरफ से भेजी गई सिफारिशों पर सरकार कोई अमल नहीं कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्या कोर्ट को ठप करना चाहती है सरकार ? - जजों के अप्वाइंटमेंट की फाइलों को आगे नहीं बढ़ाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से नाराजगी जताई थी। - चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा- ''इस लॉगजाम (गतिरोध) को खत्म करने के लिए हम पर ऑर्डर पास करने का दबाव नहीं बनाएं। सरकार फाइलों को दबा कर नहीं बैठ सकती, क्या कोर्ट को ठप करना चाहते हैं।'' - सुप्रीम कोर्ट ने जजों के अप्वाइंटमेंट और ट्रांसफर में हो रही देरी पर केंद्र से जवाब भी मांगा। बता दें कि 24 हाईकोर्ट में 478 जजों के पद खाली हैं। - एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आठ महीने पहले ही कॉलेजियम की मंजूरी के बावजूद जजों के अप्वाइंटमेंट्स/ ट्रांसफर नहीं किए गए। - चीफ जस्टिस ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा कि फरवरी से हाईकोर्ट में जजों के अप्वाइंटमेंट के लिए केंद्र सरकार को 75 नाम सुझाए गए हैं। - ''आप ऐसे हालात नहीं बना सकते जहां कोर्ट को बंद करने की मंजूरी दे दी जाए। आप हमें बताएं कि फाइल कहां हैं?''