BREAKING: 449 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द करेगी केजरीवाल सरकार

वरुण सिन्हा, नई दिल्ली (17 अगस्त): दिल्ली के स्कूलों की मनमानी पर केजरीवाल सरकार और अदालत ने शिकंजा कस दिया है। दिल्ली सरकार अभिभावकों को 9 फीसदी ब्याज के साथ पैसा रिफंड न करने वाले 449 प्राइवेट स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई करने का मन बना रही है।

सरकार इन 449 स्कूलों की मान्यता रद्द करत के उनका प्रबंधन अपने हाथ में लेने की तैयारी कर रही है। दिल्ली सरकार ने इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने वाली फाइल उप-राज्यपाल को भेज दी और इन स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

आइए आपको बता देते हैं कि ये पूरा मामला क्या है...

1- दिल्ली सरकार ने 449 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की है।
2- दिल्ली सरकार इन स्कूलों का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है।
3- दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल से इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की है।
4- इन स्कूलों में 44 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा है, जिनकी मान्यता रद्द करके दिल्ली सरकार उनका प्रबंधन खुद अपने हाथ में लेने की तैयारी कर रही है।
5- स्कूलों पर ये कार्रवाई इसलिए की जा रही है, क्योंकि उन्होंने बढ़ी हुई फीस अभिभावकों को वापस नहीं की है। 6- आपको बता दें कि अनिल देव सिंह कमेटी ने स्कूलों को बढ़ी फीस वापस करने को कहा था। इतना ही नहीं कमेटी ने ये भी कहा है कि स्कूल इस बढ़ी हुई फीस पर 9 परसेंट का ब्याज भी अदा करें।
7- 544 प्राइवेट स्कूलों ने मनमाने तरीके से ये फीस वसूली थी।
8- 67 स्कूलों ने अनिल देव सिंह कमेटी की सिफारिशों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
9- 17 स्कूलों पर कार्रवाई के लिए सरकार ने रोक लगा रखी है।
10- 53 स्कूलों ने फीस वापस कर देने की बात कही थी, जिनमें से 47 के दावे झूठे पाए गए हैं।
11- इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को जमकर लताड़ लगाई है।