केजरीवाल का चुनाव आयोग पर पलटवार, कहा- आदेश असंवैधानिक

नई दिल्ली ( 21 जनवरी ): लोगों से विरोधी दलों से पैसे लेने और आप को वोट देने की अपील पर चुनाव आयोग की कड़ी फटकार के बाद अरविंद केजरीवाल ने आयोग पर पलटवार किया है। उन्होंने चुनाव आयोग की तरफ से पार्टी की मान्यता रद्द करने की चेतावनी के फैसले को 'गैरकानूनी, असंवैधानिक और गलत' करार दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह चुनाव आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।

केजरीवाल ने शिरोधा विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी सभा में अपने बयान का बचाव करते हुए कहा, 'मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि चुनाव आयोग क्या चाहता है। इससे रिश्वतखोरी नहीं बंद हो सकती, चारों तरफ जमकर पैसा चल रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'चुनाव आयोग यह कहना चाहता है कि जो केजरीवाल कह रहे हैं (उनसे पैसे लेलें, मुझे वोट करें) वह मत करें।'अपने बयान के बचाव में केजरीवाल ने कहा, 'मैं लोगों से सिर्फ यह कह रहा हूं कि अगर कांग्रेस और बीजेपी आपको पैसे देती है तो उसे ले लें लेकिन वोट मुझे दीजिए। इसमें भ्रष्टाचार कहां है? अगर मैंने कहा होता कि मुझसे पैसे लेकर मुझे वोट दीजिए तब यह भ्रष्टाचार माना जाता। मैंने चुनाव आयोग को लिखित जवाब दे दिया है।'

अरविंद केजरीवाल न सिर्फ अपने बयान पर कायम हैं बल्कि उसके बचाव में दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान दिए अपने बयान का हवाला भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने ऐसा ही बयान दिया था जिस पर उन्हें चुनाव आयोग से नोटिस मिला था। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली वाले मामले में अदालत ने कहा कि यह भ्रष्टाचार नहीं था।

AAP संयोजक ने चुनाव आयोग को सुझाव देते हुए कहा, 'मैं समझता हूं कि चुनाव आयोग को इसे अपना नारा बना देना चाहिए कि उन्हें वोट न दें जो आपको पैसे दें, वोट उन्हें दें जो आपको पैसे न दें।' गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने 8 जनवरी को गोवा के बेनौलिम विधानसभा क्षेत्र में एक रैली में वोटर्स से कथित तौर पर कहा था, 'यदि कांग्रेस और बीजेपी उम्मीदवार पैसे देते हैं तो मना मत कीजिए। उसे ले लीजिए क्योंकि यह आपका पैसा है... लेकिन जब वोट देने की बारी आती है तो आप उम्मीदवार के सामने वाला बटन ही दबाइए।'