माफ़ी मांगेंगे अरविंद केजरीवाल

विशाल, चंड़ीगढ़ (16 जुलाई): दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल दरबार साहिब में 18 जुलाई को आकर सेवा करेंगे और मेनिफेस्टो विवाद पर माफी मांगेगे। आप पार्टी ने अपने यूथ मेनिफेस्टो में दरबार साहिब की फोटो के साथ झाड़ू की फोटो लगाई थी, उसको लेकर काफी विवाद हो गया था। वहीं अकाली दल और कांग्रेस केजरीवाल के इस माफी मांगने को सिर्फ राजनीति बता रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के मुताबिक आशीष खेतान ने अनजाने में पार्टी के यूथ मेनिफेस्टो की तुलना गुरु ग्रंथ साहिब से कर दी थी, जिसके लिये वो पहले से ही माफी मांग चुके है। पार्टी के मेनिफेस्टो के कवर पेज पर स्वर्ण मंदिर के साथ लगाई गई पार्टी के चुनाव चिन्ह झाड़ू की फोटो को लेकर अब अरविंद केजरीवाल दरबार साहिब में माफी मांगने आ रहे है। इस दौरान वो वहां सेवा भी करेंगे जिसमें जूता घर में सेवा करना, लंगर हॉल में बर्तन धोना और लंगर बनाने में सेवा करने जैसे काम शामिल है।

वहीं कांग्रेस और अकाली दल केजरीवाल के अमृतसर दौरे को महज एक राजनीतिक स्टंट करार दे रहे है। शिरोमणि अकाली दल का कहना है कि आम आदमी पार्टी के लोग पहले तो गलती करते है और फिर माफी मांग लेते है, जबकि अब तो लोगों ने इनकी माफी पर भरोसा करना ही छोड़ दिया है।

कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के निशाने पर केजरीवाल नहीं बल्कि इस घोषणा पत्र को तैयार करने वाले कंवर संधू है। कैप्टन का कहना है कि कंवर संधू खुद एक सिख है लेकिन फिर भी उन्होंने मेनिफेस्टो को बनाने के दौरान इतनी बड़ी गलती कर दी, लेकिन उनके खिलाफ तो अब तक आम आदमी पार्टी ने कोई कार्यवाही नहीं की है।

कई धार्मिक संगठनों ने भी केजरीवाल के अमृतसर दौरे का विरोध करने का ऐलान किया है। केजरीवाल भले ही स्वर्ण मंदिर में माफी मांगने आ रहे है, लेकिन इस पंजाब दौरे के कई राजनीतिक मायने है और इसी वजह से पंजाब की राजनीति में केजरीवाल के इस दौरे से तूफान आना तय है।