दिल्ली सरकार पर एमसीडी को कोई बकाया नहीं: केजरीवाल

नई दिल्ली (3 फरवरी): दिल्ली में एमसीडी कर्मचारियों की हड़ताल के 8वें दिन जारी रहने पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर साफ किया कि उनके ऊपर एमसीडी सरकार का कोई बकाया नहीं है। उन्होंने एमसीडी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले तीन साल जितना पैसा कर्मचारियों की सैलरी के लिए दिया जाता था हमने उससे ज्यादा पैसा दिया।

केजरीवाल ने एमसीडी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि नॉर्थ एमसीडी को हमने 893 करोड़ रुपये दे दिए हैं लेकिन इन्हें पिछले तीन सालों तक 550 करोड़ रुपये मिलते थे। ईस्ट एमसीडी को दिल्ली सरकार ने इस साल 466 करोड़ रुपये दिए हैं, इस बार हमने सौ करोड़ रुपये दिए हैं। जब तीन साल तक इतने पैसे में सैलरी दी जा रही थी तो अब सैलरी क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ तो भ्रष्टाचार एमसीडी में हो रही है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।

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सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार ने एमसीडी को लोन के रूप में भी कुछ पैसा दिया हुआ है, जिसकी हमने रिकवरी नहीं की। क्योंकि एमसीडी का कहना है कि वह अभी इस हालत में नहीं है कि यह पैसा दे सके। लेकिन पिछले साल जब दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था तो मोदी सरकार ने 76 करोड़ रुपये की रिकवरी की।

केजरीवाल यही नहीं रूके और उन्होंने बीजेपी पर वार करते हुए कहा कि जब दिल्ली सरकार अपने दूसरे लोगों के साथ कूड़ा उठाने में लगी थी तो यही बीजेपी वाले कूड़ा सड़क पर फेंक रहे थे। इनकी (एमसीडी) सरकार जब मेरी सीबीआई से जांच करा सकती है तो यह अपनी जांच क्यों नहीं करा सकते। उन्होंने बताया कि एमसीडी के डॉक्टर चिट्ठी लिखकर दिल्ली सरकार में शामिल होना चाहते हैं।

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सीएम केजरीवाल ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर एमसीडी कर्मियों से अपील करता हूं कि वह हड़ताल खत्म कर दें। हम 550 करोड़ रुपये का लोन हम एमसीडी को दे रहे हैं ताकि वह सभी कर्मचारियों को सैलरी दे सकें। उन्‍होंने कहा कि एमसीडी के 7 हॉस्पिटल को दिल्ली सरकार टेक ओवर कर लेगी जिससे उनका 800 करोड़ रुपये का खर्चा बच जाएगा।