भारत ने कर दी चीन की बोलती बंद, मोदी के अरुणाचल दौरे पर ड्रैगन दे रहा था गीदड़ भभकी

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 फरवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अरुणाचल दौरे के बाद भारत ने चीन को ऐसा सबक सिखाया है कि अब वो अरुणाचल पर आंख उठाने से पहले सौ बार सोचेगा। दरअसल, चीन ने एक तरह से भारत को धमकी देते हुए कहा था कि भारतीय नेतृत्व को ऐसा कोई कदम उठाने से बचना चाहिए, जिससे 'सीमा विवाद' जटिल हो जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रॉजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

 

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस सीमाई राज्य में कनेक्टिविटी में सुधार को बहुत ज्यादा महत्व दे रही है। अरुणाचल प्रदेश में हाइवे, रेलवे, एयरवे और बिजली की स्थिति में आये सुधार को लेकर चीन के पेट में पानी हो रहा है। इसीलिए उसने यह मुद्दा उठाया और धमकी देने की कोशिश की। चीन की इस कुटिल चाल पर चीन को आईना दिखाया और कहा कि अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है। अरुणाचल पर कोई भी बयान देने से पहले चीन को सोच-समझ लेना चाहिए। भारत कई बार स्पष्ट कर चुका है, चीन अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत मानने का ख्वाब न पाले। इस बारे में दोनों पक्षों के बीच दो दर्जन बार बात-चीत भी हो चुकी है।

 ऐसा पहली बार नहीं है कि चीन ने किसी भारतीय नेता के अरुणाचल दौरे का विरोध किया हो, वो ऐसी हरकत पहले भी कर चुका था। भारत की पूर्ववर्ती सरकारों का रुख पूर्वोत्तर को लेकर कुछ लचीला रहा। जिसका फायदा चीन ने उठाया है। हालांकि पूर्वोत्तर सीमाओं की सुरक्षा को लेकर सभी सरकारें सचेत रही हैं। लेकिन मोदी ने शपथ लेते ही लुक ईस्ट नीति को आक्रामक तरीके से लागू किया है। मोदी सरकार की इसी नीति से चीन को हमेशा परेशान किया है। चीन डोकलाम में भारत सरकार की प्रतिक्रिया से भी अवगत है। चीन को मालूम है कि किसी भी भी एक गलत का बड़ा खामियाजा उसको भुगतना पड़ सकता है, लेकिन वो गीदड़ भभकी से भी बाज नहीं आता।