अरुण जेटली का यशवंत सिन्हा पर पलटवार, कहा- ऐसे स्थिति नहीं कि लेख लिखूं


नई दिल्ली (28 सितंबर):
अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर घिरी मोदी सरकार की ओर से जवाब देने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली खुद सामने आए। जेटली ने यशवंत सिन्हा का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मेरी ऐसी स्थिति नहीं है कि में लेख लिखूं साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे नेतृत्व में कड़े फैसले लेने की क्षमता हौ और कोई पालिसी पैरालिसिस नहीं है। वहीं  उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू करने में कोई जल्दबाजी नहीं की गई। सरकार ने कई तरह के आर्थिक सुधार किए हैं, जिससे अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की भी तरक्की का रास्ता खुला है।
 
जेटली ने कहा है कि नोटबंदी और जीएसटी के दूरगामी परिणाम होंगे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि देश में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। आज 4 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद लोग उस पर सवाल उठा रहे हैं और उसे जल्दी में लिया गया फैसला बता रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि एक वक्त ऐसा था जब सरकार के फैसले भ्रष्टाचार बढ़ाते थे।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार नीचे जा रहे रुपए को मजबूती दी है और रुपया लगातार मजबूत हुआ है। खर्च में वित्तीय अनुशासन का ध्‍यान रखा गया है और बजट में किसी तरह के छुपे हुए घाटे नहीं हैं। जीएसटी के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए, जीएसटी को लेकर आलोचना सिर्फ इसलिए हो रही है, क्योंकि इसे नोटबंदी केबाद लागू किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस सरकार ने फिस्कल और करंट अकाउंट डेफिसिट कम किया है। 

जेटली की बड़ी बातें...
- जो लोग बहुमत के लिहाज से हाशिये पर हैं वो लोग हमारी विचारधारा के खिलाफ चीयर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं
- विपक्ष खास तौर पर कांग्रेस के मौजूदा नेता जिस तरह का विचार रखते है और बयान देते हैं, मुझे विश्वास है कि इंदिराजी और राजीव गांधी के जमाने में वो कभी नहीं कहते
- कांग्रेस के जमाने मे फैसले लेने में भेदभाव होते थे मोदी सरकार में वो पूरी तरह बंद हो गए
- इंडिया के शैडो एकॉनॉमिनको खत्म करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है और ये प्रधानमंत्री का बड़ा एजेंडा है
- नामी लॉ के आने के बाद कारोबारियों और राजनेताओं का पैसा शेल कंपनियों के जरिये काला से सफेद होना बंद हो गया है

- सरकार का मकसद रहा है कि हम एक तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था से ज्यादा एक ऐसी अर्थव्यवस्था बनाएं जिसका सब हिस्सा बन सकें

- हमने देश के कई सेक्टरों को खोला, देश में कारोबार करना आसान बनाया, अब लोगों को सरकारी दफतरों में लाइन नहीं लगानी पड़ती

- सरकार ने अर्थव्यवस्था के लिए साहसिक कदम उठाए, बेनामी संपत्ति पर कानून हमारी सरकार ने बनाया, फर्जी कंपनियों पर लगाम लगाने में सफलता पाई

- हमने लोगों को अपनी संपत्ति घोषित करने का वक्त दिया, बेनामी लॉ के तहत हमने नेताओं और शेल कंपनियों पर कार्रवाई की

- भारतीय अर्थव्यवस्था में अच्छा सुधार हो रहा है, नोटबंदी का विरोध करने वाले काले धन के समर्थक हैं

- हमने कुछ कड़े फेसले लिए, जिन्हें कोई और सरकार लेने की हिम्मत नहीं कर पाई, राज्य सरकारों ने हमारा साथ दिया

- नोटबंदी से यह सुनिश्चित किया गया कि बाजार में जो बेनाम टेंडर थें उनके मालिकों की पहचान की जा सके

- इकोनॉमी पर लोगों के अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन तरक्की का फायदा सबको मिले इसकी कोशिश जारी
- मैं यह कहना चाहूंगा कि मेरे पास यह लग्जरी नहीं है कि मैं एक पूर्व वित्त मंत्री से कॉलम लिखने वाला बनूं
- भारत में आप बिना पेमेंट के ऑल्टरनेट मेकनिज़म पर निर्भर हुए भारत में बिजनस नहीं कर सकते
- जिन लोगों ने देश को पॉलिसी पैरालिसिस में भेजा उन्होंने ने इसे रोकने की बात कही
- नोटबंदी के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि बाजार में जो बेनाम टेंडर थें उनके मालिकों की पहचान की जा सके
- हमारी अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। इस सरकार के राज में अब व्यापार करना आसान हुआ
- दिल्ली के राजनैतिक भ्रष्टाचार पर काबू पा लिया गया है
- आर्थिक समझदारी हमारी प्राथमिकता है
- हमने पाया कि भारत में 95 प्रतिशत निवेश ऑटोमैटिक रूट से ही आया
- जीएसटी के आने के बाद मुझे कहा गया कि आपने यह इतनी जल्दी क्यों किया
- आज अलगाववादियों की पोल उनके अपने लोगों के सामने खुल रही है
- एक लोकतंत्र में वैचारिक ध्रुवीकरण हमेशा होता है