अच्छी खबर: कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली(18 अगस्त): वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को पत्र लिखकर पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स जैसे नैचुरल गैस, क्रूड ऑयल आदि पर सेल्‍स टैक्‍स या वैट घटाने के लिए कहा है। इन्‍हें जीएसटी से बाहर रखा गया है लेकिन इनका उपयोग वस्‍तुओं के लिए इनपुट के रूप में किया जा रहा है, जो नए जीएसटी के तहत आते हैं।

- वित्‍त मंत्री द्वारा लिखे गए पत्र में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग सेक्‍टर द्वारा उठाई गई चिंताओं का उल्‍लेख किया गया है। 

- मैन्‍यूफैक्‍चरिंग सेक्‍टर का कहना है कि जीएसटी में आने से पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स की इनपुट कॉस्‍ट में वृद्धि हुई है।

- जेटली ने मुख्‍यमंत्रियों को पत्र लिखकर पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स पर वैट का भार कम करने का आग्रह किया है। जीएसटी के बाद विनिर्मित उत्‍पाद पर जीएसटी लगता है, जबकि विनिर्माण में उपयोग होने वाले पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स जैसे इनपुट पर वैट लगता है। ऐसे में इनपर दोहरा टैक्‍स लग रहा है। कुछ राज्‍यों ने उत्‍पाद निर्माण में प्रयोग होने वाली सीएनजी पर 5 प्रतिशत वैट लगा रखा है। कुड राज्‍यों ने डीजल पर वैट घटाया है। दिल्‍ली में डीजल पर वैट 17.4 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 31.06 प्रतिशत है। नैचुरल गैस पर वैट 0 से लेकर 15 प्रतिशत तक है।