''सरकार के काम में अडंगा डाल रही हैं अदालतें''

नई दिल्ली (11 मई): उत्तराखंड मामले में न्यायपालिका के दखल देने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेअली ने न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया है। राज्यसभा में जेटली ने कहा कि राजनीतिक समस्याओं का समाधान न्यायपालिका को नहीं करना चाहिए।

जेटली ने कहा है कि राजनीतिक समस्याओं का निराकरण राजनीतिक तरीके से ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने कार्यपालिका और विधायिका का अतिक्रमण किया है। ऐसे में अब सरकार के पास बजट बनाना और टैक्स लेने का काम ही रह गया है। न्यायपालिका को यह काम भी ले लेना चाहिए।

वित्त मंत्री ने कहा कि अभी-अभी मुझे पता चला है कि सुप्रीम कोर्ट ने सूखे के लिए अलग से राहत फंड बनाने का निर्देश दिया है। संसद ने विनियोग विधेयक पास कर दिया, हमारे पास एनडीआरएफ है, राज्यों में एसडीआरएफ हैं। अब विनियोग विधेयक पास हो गया तो मैं कहां से अलग से फंड लाऊं। कार्यपालिका की ईंट-ईंट हिलाकर बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि भगवान के लिए ऐसा मत कीजिए। टैक्स विवाद को निपटाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट के जज को मत दीजिए क्योंकि जिस तरह से कार्यपालिका और न्यायपालिका के अधिकारों का अतिक्रमण न्यायपालिका कर रही है, उसके बाद संभव है कि सरकारों का काम केवल बजट बनाने का रह जाएगा। राज्यों के पास केवल टैक्स लगाने का अधिकार है, ये भी कोर्ट को मत दीजिए।

गौरतलब है कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने पर न्यायपालिका ने पूरी सक्रियता दिखाते हुए इस पर फैसला लिया। यह फैसला कांग्रेस के समर्थन में गया। यहां पिछले डेढ़ माह से राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई थी।