सरकार की कड़ी कारवाई, 1,62,000 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन किया रद्द

नई दिल्ली(21 जुलाई): सरकार ने आज लोकसभा में कहा कि अब तक एक लाख 62 हजार शेल या निष्क्रिय कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इन कंपनियों ने किसी कानून या नियम का उल्लंघन किया होगा तो उन पर कानून सम्मत कार्रवाई की जायेगी। 
  
- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रश्नकाल में एक सवाल के जवाब में कहा कि कंपनी अधिनियम में शेल कंपनी को परिभाषित नहीं किया गया है। 

- ऐसी कंपनियां जो सक्रिय कारोबार नहीं करतीं हैं और उनमें धन का आदान प्रदान होता है, उन्हें शेल कंपनियां कहा गया है। ऐसी कंपनियों का इस्तेमाल कर चोरी के लिये किया जाता है। 

- जेटली ने कहा कि 12 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार कुल एक लाख 62 हजार 618 शेल या निष्क्रिय कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया गया है। 

- उन्होंने कहा कि इन कंपनियों की जांच की जा रही है। यदि कंपनियों ने कर चोरी की है तो उसकी वसूली की जायेगी। यदि बेनामी संपत्ति जुटायी है तो उसके बारे में भी कानूनन कदम उठाये जायेंगे।
  
- उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि शेल कंपनियों के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई इस बात पर निर्भर करती है कि उनका दोष क्या है।