एनपीए से बैकों को उबारने के लिए 'बैड बैंक' स्थापित कर सकती है सरकार

नई दिल्ली ( 3 फरवरी ): केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को बताया कि नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की समस्या से जूझ रहे बैंकों की समस्या के समाधान के लिए एक 'बैड बैंक' की स्थापना की जा सकती है। वित्त मंत्री ने कहा कि ‘बैड बैंक’ या एक प्रकार के एसेट्स रिकंस्ट्रकशन कंपनी की स्थापना कर बैंकों की गैर निष्पादित परिसंपत्तियों को बाजार कीमत पर खरीद कर एनपीए की समस्या का समाधान किया जा सकता है।

जेटली ने बजट के बाद भारतीय उद्योग जगत के साथ बैठक में कहा, 'यह ‘बैड बैंक’ भी एक संभावित समाधान है। हम इस बारे में बोर्ड में चर्चा करेंगे।' आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 में एनपीए की समस्या से निपटने के लिए ‘बैड बैंक’ को स्थापित करने की सिफारिश की गई है।

लोकसभा में जेटली ने पेश किया नोटबंदी विधेयक

शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकशभा में नोटबंदी से संबंधित अध्यादेश 2016 की जगह लेने वाले विधेयक को लोकसभा में पेश किया। इसमें 31 दिसंबर 2016 के बाद पुराने 1000 और 500 रपये के नोटों को रखने, उनका लेनदेन करने या प्राप्त करने को प्रतिबंधित किया गया है।