मायावती और उद्धव की मांग पर बोले अरुण जेटली, ‘बजट पेश करना संवैधानिक जरूरत’

नई दिल्ली ( 4 जनवरी ): कई राजनीतिक दलों द्वारा पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्रीय बजट को स्थगित किए जाने की मांग पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुद्धवार को कहा कि बजट पेश करना संवैधानिक जरूरत है। जेटली ने कहा, "बजट लाना संवैधानिक जरूरत है।"

गौरतलब है कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बुधवार को मांग की कि पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद ही केंद्रीय बजट पेश किया जाए। जेटली ने हालांकि किसी का नाम लिए बगैर कहा, "यह वही पार्टी है जिसने नोटबंदी का भी विरोध किया था। आखिर वे बजट पेश होने से परेशान क्यों हैं।"

जेटली ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2014 से भी पहले अंतरिम बजट पेश हुआ था और इससे पहले भी चुनाव से पहले बजट पेश होते रहे हैं।

नोटंबदी के बाद पुराने नोटों को जमाने करने लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सभी लोगों के पास दिन का समय था और इसमें अधिकतर लोगों ने पैसा जमा कर दिया है। पीएम ने कहा थि कि कुछ शर्तों के साथ पैसे जमा करने की इजाजत मिलेगी और आरबीआई ने शर्तें लगाई हैं। हम इसका सम्मान करते हैं।