अरुण जेटली बोले, नोटबंदी के हैं दीर्घकालिक फायदे

नई दिल्ली(31 अगस्त): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था दो या तीन तिमाही तक प्रभावित हो सकती है लेकिन मध्यावधि और दीर्घकाल में इसका लाभ होगा।

-  जेटली ने गुरुवार को ‘द इकोनॉमिस्ट’पत्रिका द्वारा आयोजित ‘इंडिया सम्मिट’ में कहा कि नोटबंदी से अनौपचारिक अर्थव्यवस्था औपचारिक बन गई है और इससे तंत्र में पारदर्शिता आई है।

- उन्होंने कहा कि जिन उद्देश्यों से नोटबंदी की गई थी वे हासिल हो गए हैं और सच्चाई यह है कि बैंक में पैसा जमा कराने से वो वैध नहीं हो जाता। वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी से कर आधार बढ़ाने में मदद मिली है जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह में बढ़ोत्तरी हुई है।

- उन्होंने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के जोखिम में फंसे ऋण की समस्याओं से निपटने के उपाय किए हैं और इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं। जोखिम में फंसे ऋण को निपटाने की प्रक्रिया में समय लगेगा और इसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं हो सकता है।

- जेटली ने कहा कि प्राइवेट क्षेत्र को ऋण चुकाना ही होगा या किसी दूसरे को कारोबार सौंपना होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और भारत दुनिया में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सबसे आकर्षक केन्द्र बना रहेगा। उन्होंने कहा कि देश में वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) सफलतापूर्वक लागू हो गया है और पहले महीने में जीएसटी राजस्व संग्रह सरकार के अनुमान से अधिक रहा है।