'1 अरब-1 अरब-1 अरब' विजन की पहुंच के नजदीक है भारत: अरुण जेटली

नई दिल्ली(27 अगस्त): केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, वित्तीय समावेशन में तेजी लाने के लिए इंडिया, सरकार के जेएएम ट्रिनिटी दृष्टिकोण (जन धन, आधार और मोबाइल) पर आधारित '1 अरब-1 अरब-1 अरब' विजन की पहुंच के भीतर है।

- वित्त मंत्री ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, “1 अरब आधार नंबर 1 अरब बैंक खातों और 1 अरब मोबाइल फोन के साथ लिंक हो जाएंगे। जब ऐसा हो जाएगा, तो पूरा देश वित्तीय और डिजिटल मुख्यधारा का हिस्सा बन जाएगा।” 

- जेटली ने यह पोस्ट सरकार की महत्वाकांक्षी वित्तीय समावेश योजना प्रधान मंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) की तीसरी वर्षगांठ पर लिखी है, जिसका उद्देश्य वित्तीय रुप से नजरअंदाज लोगों को इसके दायरे में लाना है।

- उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक क्रांति से कम नहीं है और बोले, “जैसे जीएसटी ने एक कर, एक बाजार और एक देश की व्यवस्था बनाई है। पीएमजेडीवाई और जेएएम क्रांति सभी भारतीयों को एक समान वित्तीय, आर्थिक और डिजिटल स्पेस मुहैया कराएंगे।”

- अपनी पोस्ट में वित्त मंत्री ने लिखा कि उल्लेखनीय रुप से जनवरी 2015 में 12.55 करोड़ बैंक खातों के मुकाबले 29.52 पीएमजेडीवाई खातों को 16 अगस्त तक खोला गया था। उन्होंने माना, “इसका विजन सही मायनों में व्यापक है, इसमें वित्तीय समस्याओं को सुलझाने के लिए कुछ भी नहीं है इसलिए भारत के गरीबों को आर्थिक, डिजिटल और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।”