प्रधानमंत्री मोदी नहीं कांग्रेस मांगे माफी, अरुण जेटली बोले- कांग्रेस देश को बताए क्यों पड़ी बैठक की जरूरत

नई दिल्ली (11 दिसंबर): गुजरात चुनाव में पाकिस्तान की एंट्री पर घमासान जोरों पर है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री मोदी से माफी की मांग पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पटलवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बताना जाहिए की इस बैठक की क्यों जरूरत पड़ी।

अरुण जेटली ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य कांग्रेसी नेताओं की पाकिस्तानी राजनयिकों के साथ बैठक को 'दुर्भाग्य बताते हुए पूछा कि कांग्रेसी नेताओं की पाकिस्तानी राजनयिकों के साथ बैठक में क्या बात हुई ? उन्होंने साफ किया कि आतंक के साथ पाकिस्तान से बात नहीं होगी। इससे पहले आज पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने बैठक को लेकर पीएम मोदी द्वारा की गई टिप्पणी पर माफी मांगने की अपील की। 

विपक्ष की प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग को खारिज करते हुए जेटली ने कहा, जिन लोगों ने 'आतंकवाद और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकता की राष्ट्रीय नीति का उल्लंघन किया है उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सरकार का आतंकवाद से लड़ने का जो रिकार्ड रहा है वह पिछली किसी भी सरकार का नहीं रहा है। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के घर पाकिस्तानी उच्यायुक्त और वहां के पूर्व विदेश मंत्री के साथ मुलाकात पर पीएम मोदी की तरफ से उठाए गए सवाल और उसे गुजरात चुनाव से जोड़ने पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने आलोचना की है। 

मनमोहन सिंह ने अपनी ये पीड़ा व्यक्त करते हुए बयान जारी किया है और मोदी को देश से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसी हताशा भरी बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात चुनाव में हार के डर से दे रहे हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ऐसा बेबुनियाद आरोप ना लगाएं। उन्होंने कहा कि मुझे याद है जब पीएम मोदी उधमपुर और गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले के बाद बिना किसी आमंत्रण के पाकिस्तान गए थे। 

मनमोहन सिंह की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि झूठे आरोप और किसी की तरफ से नहीं बल्कि खुद देश के प्रधानमंत्री की तरफ से लगाया गया है। गुजरात चुनाव में हारने के डर से हताशा में वे ऐसी हर तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसा कर पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व आर्मी चीफ समेत सभी संवैधानिक प्रतिष्ठानों की गरिमा पर आघात पहुंचा रहे हैं।