इन 52 लाख लोगों को जेटली के बजट से हाथ लगी निराशा

नई दिल्ली (2 फरवरी): बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 3 से 5 लाख कमाने वाले लोगों को आयकर में 5 फीसदी छूट देने का ऐलान किया, लेकिन बजट में जिस तरह की उम्मीद लोग कर रहे थे उतना मिला नहीं। क्योंकि 5 लाख से ज्यादा कमाने वालों को टैक्स में कोई रियायत नहीं दी गई। यह वह वर्ग है जो सबसे ज्यादा टैक्स भरता है।

आम बजट 2017-18 पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, 'कई दशकों से टैक्स देने से बचना जीवनशैली बन चुका है। मोटे तौर पर हम ऐसा समाज हैं, जिसका बड़ा हिस्सा टैक्सपेयर नहीं है। जब बहुत सारे लोग टैक्स देने से बचते हैं तो इसका बोझ उन लोगों पर पड़ता है, जो ईमानदारी से टैक्स चुकाते हैं।'

- 2015-16 में कुल 3.7 करोड़ लोगों ने आईटी रिटर्न फाइल किया।

- इनमें से 99 लाख लोगों ने अपनी सालाना आय टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से कम बताई।

- 1.95 करोड़ लोगों ने अपनी आय 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक घोषित की।

- 52 लाख टैक्सपेयर्स ने अपनी आय 5 लाख से 10 लाख रुपये तक बताई।

- सिर्फ 24 लाख लोगों ने अपनी आय 10 लाख से अधिक बताई।

- 50 लाख से अधिक सालाना आय घोषित करने वाले सिर्फ 1.72 लाख लोग हैं।

वित्त मंत्री ने टैक्स के आंकड़ों और लोगों की कमाई में बड़े अंतर की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि 5 लाख से अधिक आय घोषित करने वाले 76 लाख लोगों में से 56 लाख वेतनभोगी कर्मी हैं। लेकिन सरकार ने ऐसे लोगों को कुछ नहीं दिया, क्योंकि सरकार की तरफ से जो राहत दी गई है, वह तो एक करोड़ कमाने वाले को भी मिलेगी। ऐसे में देश के उन 76 लाख लोगों को निराशा हाथ लगी है, जो ईमानदारी से अपना टैक्स जमा करते हैं।

वीडियो: ऐसे मिलेगी 7.5 लाख कमाने वाले को टैक्स में छूट