#budget2016: वित्त मंत्री आज पेश करेंगे आम बजट, टैक्स छूट की मौजूदा सीमा को बढ़ाया जा सकता

नई दिल्ली(29 फरवरी) बस अब से थोड़ी देर बाद वित्त मंत्री अरूण जेटली देश का आम बजट पेश करेंगे। जनता की निगाहें इस बात पर टिकी है कि क्या सस्ता होगा और क्या महंगा, कितना बचेगा टैक्स और कितना बढ़ेगा खर्चा। 

पिछले साल बजट भाषण के दौरान कांग्रेस पर चुटकी ली थी, आज फिर एकबार देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली आम बजट पेश कर रहे हैं।उम्मीद की जा रही है कि पुराने कांटे बाग से छट गए होंगे , लेकिन क्या दो साल बाद मोदी सरकार के बागीचे में आपको राहत पहुंचाने वाले फूल खिल गए हैं।

बजट के करीब आते ही ये सवाल सभी टैक्यपेयरों के मन में रह रहकर घुम रहा है। टैक्स छूट का भारी तोहफा होगा, या सिर्फ झुनझुना थमा दिया जाएगा। लोगों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री टैक्स छूट की मौजूदा सीमा को बढ़ाया जा सकता है।

इनकम टैक्स छूट की सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की उम्मीद है यानी 3 लाख तक कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। लेकिन क्या टैक्स स्लैब में फायदा होगा तो लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी ये बड़ा सवाल है। जानकार बतातें हैं कि सरकार अपना खजाना भरने के लिए पिछले दरवाजे से आपकी जेब पर निगाहें जमाए है। आपको बता दें कि सर्विस टैक्स को 14 % से बढ़ाकर 15 - 16% किया जा सकता है।

जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा ....

फोन बिल  ब्यूटी पार्लर रेस्तरां में खाना  घूमना-फिरना  हवाई सफर वाई-फाई सर्विसेज महंगी हो जाएगी ...

इसके अलावा ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इसबार घाटे को कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी कर सकती है। सरकार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर सरकार ऐसा करती है तो लग्जरी और एसयूवी गाड़ियों में घूमने वाले या शोकीनों की जेब पर असर पड़ेगा और उन लोगों पर भी पड़ेगा जो तंबाकू और सिगरेट के शौकीन हैं।

मोदी सरकार इस बजट के जरिए किसनों, गरीबों को भी मैसेज देने की कोशिश करेगी, अमीरों को मिलने वाले राहत पैकेज में कटौती कर गरीबों के बागीचे में फूल खिलाने की कोशिश करेगी , फसल बीमा योजना का पैसा सीधे किसानों के खाते में डाला जाएगा , सिंचाई और मनरेगा पर बजट में ज्यादा रकम देने का प्रावधान किया जा सकता है।

जाहिर है ये बजट कईयों के लिए खट्टातो कुछ लोगों के लिए मीठा रहने की उम्मीद है। बहरहाल टैक्यपेयरों को अरूण जेटली  के पिटारे से उम्मीदें तो बहुत है। लेकिन जेटली कितनों की उम्मीदों पर उतर पाते हैं थोड़े ही देर बाद इस बात पर से पर्दा उठ जाएगा।