कैशलेस अर्थव्यवस्था दरअसल लेस कैश अर्थव्यवस्था: जेटली

नई दिल्ली (15 दिसंबर): नोटबंदी के बाद बैंक से लेकर एटीएम के बाहर अभी तक पैसों के लिए लोगों की कतार देखी जा सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को कैशलेस बनाने का नया मंत्र लेकर सामने आ गई। इसकी आलोचना होने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कैशलेस अर्थव्यवस्था दरअसल लेस कैश अर्थव्यवस्था है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कैशलेस अर्थव्यवस्था दरअसल लेस कैश अर्थव्यवस्था है, क्योंकि कोई भी अर्थव्यवस्था पूरी तरह कैशलेस नहीं हो सकता। जेटली ने यह भी कहा कि डिजिटल ट्रांजैक्शन पैरलल व्यवस्था है न कि कैश ट्रांजेक्शन का सब्स्टिच्यूट।

हालांकि सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैशलेस बनाने की तरफ कदम बढ़ा रही है और लोगों को इसकी तरफ आकृषित करने के लिए लकी ग्राहक योजना और डिजि-धन व्यापारी योजना भी लॉन्च की है।