खुशखबरी! जल्द ही बाजार में आएगी आर्टिफिशियल किडनी

नई दिल्ली (27 जनवरी): विज्ञान आज काफी आगे निकल चुका है और रोजाना नए-नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। ऐसी ही एक खुशखबरी उन लोगों के लिए आई है जो क्रोनिक किडनी डिजीज को फेस कर रहे हैं या फिर जिन्हें डायलिसिस की मदद से मशीनों पर जिंदा रखा गया है। ऐसे लोगों के लिए अब जल्द ही मार्केट में आर्टिफिशियल किडनी आने वाली है।

अभी किए जा रहे हैं सेफ्टी और क्वालिटी टेस्ट...

एडीए के अप्रूवल से पहले आर्टिफिशियल किडनी का यूएस में 100 मरीजों पर क्वालिटी और सेफ्टी टेस्ट किया जा रहा है। आर्टिफिशियल किडनी डिवाइस के को-इन्वेंटर कैलिफोर्निया सैन फ्रांसिस्को के शोधकर्ता डॉ. शुवो रॉय हैं।

कैसे काम करेगी ये किडनी...

आर्टिफिशियल किडनी डिवाइस को एबडमन में इम्पलांट किया जाएगा और दिल के जरिए इसे संचालित किया जाएगा। इस डिवाइस को इस तरह से बनाया गया है कि ये ब्लड को फिल्टर करेगा और किडनी के बाकी कामों को भी सुचारू रूप से करेगा। आर्टिफिशियल किडनी के जरिए हार्मोंस प्रोड्यूस होने में मदद मिलेगी और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी ये सहयोग देगा। ये वास्तविक किडनी की तरह ही काम करेगा।

कब होती है किडनी ट्रांसप्लांट...

क्रोनिक किडनी डिजीज की फाइनल स्टेज पर जब किडनी बॉडी से फ्लूड निकालने और अन्य काम करने में असमर्थ होती है। ऐसे समय में मरीज को किडनी रिप्लेसमेंट के लिए डायलिसिस पर डाल दिया जाता है।

किडनी ट्रांसप्लांट...

किडनी ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रोसेस है जिसमें उस मरीज को हेल्दी किडनी लगाई जाती है जिसकी किडनी 90 पर्सेंट तक फेल हो जाती है। हेल्दी किडनी किसी मृतक व्यक्ति की या फिर कोई जीवित भी डोनेट कर सकता है।