"खत्म हो जाएगी मानव संभ्यता"

नई दिल्ली (20 अक्टूबर): महान भौतिकशास्त्री स्टीफन हॉकिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण गरीबी और बीमारी के उन्मूलन की रफ्तार बढ़ रही है, जिस कारण मैं कह सकता हूं कि मानव सभ्‍यता खत्म हो जाएगी।

महान भौतिकशास्त्री स्टीफन हॉकिंग ने कहा है कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी की उन्नति मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यानी कि जिस विज्ञान को आप मानवता का रक्षक और तारणहार समझते रहे हैं वही आने वाले वक्त में इसके विनाश का कारण बन सकता है। मानवता के सामने आने वाले ज्यादातर खतरे विज्ञान और टेक्नोलजी की उन्नति द्वारा पैदा होते हैं। इनमें परमाणु युद्ध, प्रलयकारी ग्लोबल वॉर्मिंग और जेनेटकली इंजीनियर्ड वायरस जैसे खतरे शामिल हैं।

हॉकिंग ने हालांकि कहा कि हम उन्नति को रोक नहीं सकते, इसलिए हमें खतरों की पहचान कर उन पर रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा,‘हम उन्नति को नहीं रोकने जा रहे हैं, या इसे पीछे नहीं ले जा सकते हैं, 'इसलिए हमें खतरों को पहचाने और उन्हें नियंत्रित करने की जरूरत है। मैं एक आशावादी हूं, मुझे विश्वास है कि हम यह कर सकते हैं।'

मशीनों को बुद्धिमान बनाना खतरनाक? स्टीफन हॉकिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर खासे चिंतित हैं। पहले तो आप ये जान लीजिए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) है क्या?

दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीनों या सॉफ्टवेयर द्वारा प्रदर्शित इंटेलिजेंस है। साथ ही यह उस अकैडमिक फील्ड ऑफ स्टडी का भी नाम है जोकि इस बात का अध्ययन करती है कि कैसे बुद्धिमानी भरा व्यवहार करने वाले कम्प्युटर्स और कम्प्युटर सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाए। हालांकि हॉकिंग खुद आर्टिफिशियर इंटेलिजेंट बनाए जाने के पक्षधर हैं लेकिन वह इसके खतरों के प्रति आगाह भी करते हैं और कहते हैं, ‘हमें AI का लक्ष्य पूरी तरह अनिर्दिष्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाने की जगह लाभकारी इंटेलिजेंस बनाने की ओर परिवर्तित कर देना चाहिए।