देश के 66,663 इलाकों में पानी पीने लायक नहीं: केंद्र सरकार

नई दिल्ली ( 6 फरवरी ): देशभर के करीब 66,700 इलाकों में पेयजल पीने लायक नहीं है, क्योंकि यह आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित हैं। यह बात खुद केंद्र सरकार ने स्वीकार की है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी,'देश में 66,663 इलाकों में पेयजल आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित हैं।'

उन्होंने सदन में कहा कि सरकार जनता को साफ, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में काम रही है और इस संबंध में विभिन्न योजनाएं लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पाइप के जरिए 2022 तक 80 प्रतिशत जनसंख्या को पाइप को जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पेयजल राज्य का विषय है और केंद्र राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल (NHDW) और अन्य कार्यक्रम के जरिए राज्य सरकार को तकनीकी और वित्तीय मदद देता है।

यह आरोप लगाए जाने पर कि पानी को बिना शुद्ध किए इसकी आपूर्ति की जा रही है, इसपर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, 'बिना ट्रीटमेंट के पानी को पेयजल के रूप में उपलब्ध नहीं कराया जाता।' केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि खनन क्षेत्रों के लिए केंद्र ने राज्य के लिए विशेष योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने विभिन्न राज्यों में पेयजल में सुधार के लिए 800 करोड़ रुपये विशेष रूप से आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल और राजस्थान को 100-100 करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी गई है, जो कि फ्लोराइड और आर्सेनिक से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।'

तोमर ने कहा कि अन्य राज्यों के लिए 25,000 करोड़ रुपये की विशेष योजना तैयार की गई है, जिसमें से 1,250 करोड़ इस साल के लिए तय किया गया है, जबकि 760 करोड़ रुपये राज्यों को दिए जा चुके हैं। तोमर ने सदन को बताया कि देशभर में विभिन्न हिस्सों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 9,113 ड्रिकिंग वॉटर स्टेशन स्थापित किए जाने और एक लाख स्कूलों में प्रत्येक दिन 1,000 लीटर आरओ का पानी उपलब्ध कराने पर भी काम चल रहा है। इस प्रक्रिया में 20,000 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।