बिहार: गिरफ्तार तस्कर मंजर आलम का बड़ा खुलासा, विधायकों को की AK-47 की सप्लाई


अमिताभ ओझा, पटना (10 अक्टूबर): हथियार तस्कर मंजर आलम ने अपनी गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। सूत्रों की मानें तो यूपी के दो और बिहार के एक बाहुबली विधायक को भी उसने एके 47 की सप्लाई की थी। मंजर जबलपुर ऑर्डिनेंस डिपो के तस्करी किये गए एके 47 को 3 लाख में खरीदता था और उसे सात से आठ लाख में बेचता था।मंजर आलम के पास से बरामद डायरी से कई राज खुलने वाले है और इससे सफेदपोशो में हड़कंप मचा है। 

मंजर के इस खुलासे से सियासी महकमे से उसका कनेक्शन भी उजागर हुआ है। हालांकि पटना पुलिस इस मामले को बेहद गोपनीय रख रही है। सूत्र बताते हैं कि मंजर के मोबाइल और डायरी में कई बड़े लोगों के नाम भी मिले हैं। अब मंजर के साथ उनका कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है।



 मुंगेर में मिली एके 47 के बाद मंजर की गिरफ्तारी अहम मानी जा रही है। उसकी निशानदेही पर मुंगेर और पटना पुलिस छापेमारी करने में जुटी है। पटना पुलिस को उन लोगों की लिस्ट भी मिल चुकी है जिन्हें इस अत्याधुनिक हथियार की सप्लाई की गई थी। मंजर बड़े गैंग और नक्सलियों को एके 47 की सप्लाई करता था। विधायकों को छोड़ वह बिहार के कई लोगों को हथियार पहुंचा चुका है। मंजर का झारखंड में भी काफी अच्छा लिंक है।वह नक्सलियों और गैंगस्टरों को भी हथियार सप्लाई करता था।मंजर का एक रिश्तेदार उत्तर प्रदेश के एक बाहुबली विधायक का खासम खास है। सेना का पूर्व आरमेरर पुरुषोत्तम लाल से मंजर का परिचय भी यूपी के उस बाहुबली विधयक के घर ही हुआ था। 

2001 से ही मंजर हथियारों की तस्करी करता था। वह कई बार जेल जा चुका है। झारखंड, औरंगाबाद, गया आदि राज्यों के गैंगस्टर के साथ मंजर के बेहतर संपर्क हैं। आखिरी बार उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वर्ष 2014 में वह जेल से छूट गया और दोबारा हथियार की खरीद बिक्री करने के धंधे में चला गया।  



जक्कनपुर में 2014 में गाड़ी से एक हजार गोलियां और अन्य हथियार मिले थे। उस वक्त मंजर का साथी पकड़ा गया था जबकि वह भाग गया था। कार में विशेष तरीके से जगह बनाकर हथियार रखे गए थे। एके-47 मामले में पटना में गिरफ्तार मंजर उर्फ मंजी को मुंगेर पुलिस जल्द रिमांड पर लेगी। एसपी बाबू राम ने बताया कि मंजर अवैध हथियार का बड़ा सप्लायर है। बड़ी मात्रा में उसने एके-47 की खेप बिहार व झारखंड के कई जिलों में बेची है।जहानाबाद के एक अपराधी गिरोह को उसने दो एके 47 दिए थे।जबकि गया के एक विधायक को भी उसने दो एके 47 दिए थे। मंजर में बयान के बाद जहानाबाद के अपराधी के घर छापेमारी भी हुई लेकिन वह भाग गया। मंजर ने बताया है कि वह पुरुषोत्तम लाल से तीन से चार लाख में एके 47 खरीदता था और उसे सात से आठ लाख में बेचता था।हथियारों को वह अपने गांव बरदह में रखता था और कुल 25 लोग इस धंधे में शामिल थे। 

पटना एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि मंजर से कई जानकारियां मिली हैं। पुलिस उसकी निशानदेही पर कार्रवाई कर रही है। गोपनीयता के मद्देनजर उसके बयानों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उम्मीद है कि बड़े तस्कर जल्द पकड़े जाएंगे। 

मंजर आलम के इस धंधे में उसका साला इमरान भी बराबर का हिस्सेदार था।इमरान हजारीबाग में रहता था।इमरान की तलाश में जब हजारीबाग में छापेमारी हुई थी तो उसके घर से कई ब्लैंक चेक ,लैपटॉप और हिसाब किताब का डायरी मिला था।ब्लैंक चेक हजारीबाग के एक पेट्रोल पंप मालिक का था पुलिस ने पेट्रोल पंप मालिक को भी गिरफ्तार किया था।