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जल्द बदल सकती है आर्मी की यूनिफॉर्म, होंगे ये बड़े बदलाव

इंडिययन आर्मी यूनिफॉर्म में जल्द बदलाव देखने के लिए मिलेंगे। आर्मी की कॉम्बेटल यूनिफॉर्म से साथ सभी तरह की यूनिफॉर्म को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए इंडस्ट्री से सैंपल बनाए गए है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(20 नवंबर):  इंडिययन आर्मी यूनिफॉर्म में जल्द बदलाव देखने के लिए मिलेंगे। आर्मी की कॉम्बेटल यूनिफॉर्म से साथ सभी तरह की यूनिफॉर्म को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए इंडस्ट्री से सैंपल बनाए गए है। इस ड्रेस को पहले से ज्यादा स्मार्ट बनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक जो सैंपल आए है, बुधवार या गुरुवार को आर्मी चीफ बीपिन रावत के सामने उन्हें प्रेजेंट किया जाएगा। बदलाव की इस कवायद का मकसद यूनिफॉर्म में समानता लाना भी है।

ऐसा कहा जा रहा है यूनिफॉर्म मेे बदलाव इसलिए जरूरी है..क्योकि बदलती ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते यह कदम उठाना अहमाना जा रहा है। साथ ही वक्त के साथ टेक्सटाइल टेक्नॉलजी भी काफी बदल गई है और फौज को ज्यादा आरामदायक यूनिफॉर्म देने के मकस्द से यह किया जा रहा है। यह बदलाव हर तरह का किया जाएगा, आर्मी की कॉम्बेट ड्रेस, समर और विंटर की रेगुलर ड्रेस, सेरिमोनियल ड्रेस, मेस की ड्रेस में भी कोशिश की जाएगी। इंडस्ट्री से जो सैंपल आए हैं उनमें से किसी सैंपल को चुनकर इन्हें आर्मी की सभी कमांड को ट्रायल के लिए भेजा जाएगा। ताकि इन्हें पहनकर इनके फैब्रिक और डिजाइन का कंफर्ट लेवल देखा जा सके। फिर अलग अलग सैंपल को देखा जाएगा.. जो सभी में बेहतर को होगा उसी को चुना जाएगा।

 जानकारी के मुताबिक हर मौसम की यूनिफॉर्म को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए इसके फैब्रिक में बदलाव होगा। इसके साथ इसके डिजाइन पर भी ध्यान जाएगा। ताकि वह ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से ज्यादा आरामदायक बने। इसके साथ ही यह कोशिश भी है कि यूनिफॉर्म अलग दिखें। अभी एक ही यूनिट के अलग अलग फौजियों की यूनिफॉर्म में क्वॉलिटी से लेकर कई बार पैटर्न का भी फर्क दिखाई देता है। किसी की यूनिफॉर्म डार्क शेड की होती है तो किसी की लाइट। बदलाव के साथ पैटर्न और फैब्रिक की समानता भी लाई जाएगी।

सबका पैटर्न एक हो इसके लिए यूनिफॉर्म कहां से लेनी है उसके वेंडर अधिकृत किए जा सकते हैं। एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक फ्रैब्रिक से यूनिफॉर्म सिलने में कई बार डिजाइन में भी कुछ फर्क दिखता है इसलिए इस विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है कि यूनिफॉर्म को फैब्रिक के तौर पर न देकर गारमेंट (यानी सिली हुई ड्रेस ) के तौर पर सब साइज में उपलब्ध कराया जाए।

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