चीन से तनाव के बीच भारतीय सेना ने लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली ( 23 जुलाई ): सिक्किम के डोकलाम में चीन और भारतीय सेना के बीच तनाव जारी है और दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। इस बीच अब भारतीय सेना ने अब तय किया है कि वह युद्ध की तैयारी के लिए आयात पर निर्भर नहीं रहेगी। दरअसल, महत्वपूर्ण उपकरणों और कलपुर्जों के आयात में काफी देरी होती है इसलिए सेना ने फैसला लिया है कि वह लड़ाकू टैंकों और अन्य सैन्य प्रणालियों के महत्वपूर्ण उपकरणों और कलपुर्जों को तेजी से स्वदेशी तरीके से विकसित करेगी। आपको बता दें कि डोकलाम को लेकर चीनी मीडिया बार-बार युद्ध की धमकी दे रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि देश की 41 आयुध फैक्ट्रियों के संगठन 'दि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड' ने कलपुर्जों और अन्य वस्तुओं के आयात को वर्तमान 60 प्रतिशत से घटाकर अगले तीन वर्षों में 30 फीसदी करने का फैसला किया है।

सीमावर्ती चौकियों पर तोपखाना और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य सामग्री की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार आयुध महानिदेशक ने टैंकों और अन्य आयुध प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण कलपुर्जे स्वदेशी तरीके से विकसित करने की रणनीति बनाने के लिए देश के रक्षा फर्मों से बातचीत शुरू कर दी है। अधिकारी ने कहा कि आयुध महानिदेशक और बोर्ड प्रतिवर्ष 10,000 करोड़ रुपये कीमत के कलपुर्जे खरीदते हैं।