ऑपरेशन ऑल आउट: सेना के निशाने पर 300 आतंकी


आसिफ सुहाफ, श्रीनगर (17 अगस्त):
घाटी में आतंक के खिलाफ जाबांज़ जवानों का ऑपरेशन ऑल आउट चल रहा है। इस ऑपरेशन के तहत पिछले 6 महीने में 132 आतंकी मौत के घाट उतारे जा चुके हैं। इन दिनों ऑपरेशन ऑल आउट अपने चरम पर है। मारे गए आतंकियों में लश्कर, हिज़बुल और जैश के खूंखार कमांडर शामिल हैं। स्पेशल कमांडो की टारगेट पर 300 आतंकी हैं, जिन्हें खत्म करके ही कमांडो दम लेंगे।

हिज़बुल चीफ सब्ज़ार, अबु दुजाना, बशीर लश्करी, जुनैट मट्टू एक-एक कर लश्कर से लेकर हिज़बुल के कमांडर और आंतकियों का सफाया कर रहे हैं ये जांबाज़। दक्षिणी कश्मीर में आतंक के खिलाफ सुरक्षा के जवानों ने ऑपरेशन ऑल आउट चला रखा है, जिसमें पिछले छह महीने में 132 छोटे बड़े आतंकी मौत की घाट उतार जा चुके हैं, जिसमें 49 पाकिस्तानी और 83 स्थानीय घाटी के रहने वाले लश्कर-जेश और हिज़बुल के आतंकी शामिल हैं। दक्षिणी कश्मीर में सीआरपीएफ जवान आतंकियों के लिए काल बनकर टूट रहे हैं।

जहां भी आतंकियों के छुपे होने क खुफिया अलर्ट मिलता है। आधुनिक हथियारों और टैकनॉलोजी से लैस होकर कमांडोज उस जगह का घेराव करते हैं। एक टीम पत्थरबाज़ों के सामने खड़ी होती है और दूसरी टीम उन घरों का घेराव करती है, जहां पर आतंकी मौजूद होते हैं। घरों का घिराव करने के बाद सबसे पहले वहां रहने वालों को घरों से निकलने के लिए कहा जाता है। जब लोग घरों को खाली कर देते हैं तो ड्रोन कैमरे के ज़रिए आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाया जाता है। लोगों के निकलने के बाद आतंकियों के खात्मे का ऑपरेशन शुरू होता है।

सुरक्षा के जवान पूरे इलाके को अपने कब्ज़े में ले लेते हैं और फिर इलाके में सिर्फ गोलियों की गड़गड़हट सुनाई देती है। ऑपरेशन ऑल आउट के दौरान सुरक्षा के जवानों को सबसे बड़ी चुनौती पत्थरबाज़ों से होती है, लेकिन टीम इस मुश्किल से निपटने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरती है।