मिलिट्री टूरिज्मः रोमांचक जगहों की सैर करवायेगी सेना

नई दिल्ली (28 सितंबर): महाराष्ट्र के आर्मी वेलफेयर डिपार्टमेंट ने मिलिट्री टूरिज्म शुरू किया है। यह देश में अपने तरह का पहला एक्सपेरिमेंट है। मिलिट्री टूरिज्म का मकसद युवाओं में आर्मी के प्रति आकर्षण पैदा करना, जवानों के रोजाना काम का एक्सपीरियंस लेना तथा पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के मौके बढ़ाना है। इस टूरिज्म से युवाओं में आर्मी में जाने की रुचि बढ़ती है तो इंडियन आर्मी को हो रही अफसरों की कमी भी दूर की जा सकेगी।

- इस टूरिज्म से जम्मू-काश्मीर, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमा क्षेत्रों की सिक्युरिटी कैसे की जाती है, यह सब देखने का मौका मिलेगा।

- मिलिट्री टूरिज्म के मैनेजर कर्नल सुहास नाईक ने बताया कि इसमें कई क्षेत्रों के मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर, म्यूजियम, तीनों सेनाओं के प्रमुख केंद्र, विभिन्न सीमाएं आदि का कामकाज प्रत्यक्ष रूप से दिखाया जाता है।

- योजना का फायदा लेने के लिए स्टूडेंट्स के कई ग्रुप बनाए गए हैं। पहली से सातवीं के स्टूडेंट्स के लिए तीन दिन, आठवीं से दसवीं के लिए चार दिन, कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए सात दिन और कॉरपोरेट फील्ड के लिए 10 दिन का प्रोग्राम है।

- इस दौरान रहने, खाने और ट्रैवल की फैसिलिटी कम से कम दरों में की गई है, जैसे- बाहर 70-80 रुपए बेड का रेट है तो यहां मात्र 30 से 35 रुपए।

- महाराष्ट्र के महाड और अलीबाग में इसके लिए आर्मी वेलफेयर गेस्ट हाउस शुरू किए गए हैं।

 इसके लिए महाराष्ट्र आर्मी वेलफेयर बोर्ड से ऑनलाइन या खुद जाकर कॉन्टैक्ट करना होगा।

- आप कितने लोग हैं और किस राज्य में मिलिट्री टूरिज्म करना है, इसकी जानकारी देना होगी। फिर कम से कम खर्च पर ले जाया जाएगा।