धर्मसभा को लेकर अभेध किले में तब्दील अयोध्या, अखिलेश ने की सेना की मांग

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 नवंबर): रामनगरी अयोध्या में 25 नवंबर को शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के दौरे और विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा के चलते ठंड के मौसम में भी माहौल गर्म हो गया है। अयोध्या में एक बार फिर 6 दिसंबर 1992 जैसी हलचल तेज हो गई है। रविवार को आरएसएस के आनुषांगिक संगठन वीएचपी ने राम मंदिर के जल्द निर्माण के लिए दबाव बनाने के मकसद से धर्मसभा का आयोजन किया है। वीचएपी ने अपने कार्यक्रम को युद्ध के लिए बिगुल बजने से पहले का अपना आखिरी कार्यक्रम करार दिया है। 

यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्‍या में राम मंदिर मामले में जानमाल के भारी नुकसान की आशंका जताई है। मध्‍य प्रदेश के पन्‍ना में अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे अखिलेश ने कहा कि भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है। उन्‍होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को अयोध्‍या में फौज लगाकर सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम करने के निर्देश देने चाहिए। अखिलेश ने कहा कि भाजपा को न तो संविधान पर भरोसा है और न सुप्रीम कोर्ट पर।

उन्‍होंने कहा कि अगर अयोध्‍या में फौज लगाने की भी जरूरत पड़े तो वो भी लगाई जाए लेकिन सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम किए जाएं। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्‍मान करना चाहिए। राम मंदिर पर अध्‍यादेश लाने की बात पर अखिलेश ने कहा कि राम मंदिर पर फैसला सुप्रीम कोर्ट से ही होना चाहिए।

अयोध्या में फिलहाल पांच कंपनी पैराममिलिट्री फोर्स की तैनात कर दी गई है। एेसे में अयोध्या व वहां आयोजित सभी कार्यक्रमों पर एडीजी टेक्निकल आशुतोष पांडे और डीआईजी रेंज झांसी सुभाष सिंह बघेल अपनी पैनी नजर रखेंगे। साथ ही तीन एसपी वैभव कृष्ण, राजेश पांडे,पी कनय, 10 एएसपी, 21डिप्टी एसपी, 160 इंस्पेक्टर, 250 सब इंस्पेक्टर, 12 एसएचओ, 15 लेडी सब इंस्पेक्टर, 700 कॉन्सटेबल, 50 लेडी कॉन्सटेबल, 42 कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है। वहीं दो कंपनी आरपीएफ लगाई गई है। बैकअप में लखनऊ से डीजीपी ऑफिस में स्पेशल कमांड ऑफिस बनाया गया है। जो पल-पल की ख़बर रखेगा। साथ ही एटीएस के कमांडो और ड्रोन कैमरे से नजर रखी जाएगी।


अयोध्या पर खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के संत आशीर्वाद कार्यक्रम और विहिप की धर्मसभा को शांति पूर्वक निपटाने के लिए अयोध्या को किसी किले की भांति अभेद बनाया गया है। साथ ही तमाम केंद्रीय व प्रदेश की खुफिया एजेंसियां भी अयोध्या पर पैनी नजर रखे हुए हैं।


जिले में बनाई गईं कई अस्थाई चौकियां

अयोध्या में तमाम संवेदनशील व महत्वपूर्ण जगहों पर बैरिकेडिंग कर हथियारबंद पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। शहर में कई अस्थाई चौकियों का निर्माण किया गया है। विवादित स्थल को तीन जोनों में बांटा गया है। जिसके लिये रेड, यलो व ग्रीन जोन में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं।