और खतरनाक होंगे इंडियन आर्मी के कमांडोज, हो रही है तैयारी

नई दिल्ली(1 मार्च): भारतीय सेना ने स्पेशल फोर्सेज को और ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए काफी वक्त से लंबित सेना के आधुनिकीकरण से जुड़ी खरीद-फरोख्त में तेजी लाई जा रही है।

- एक वेबसाइट ने सूत्र के हवाले से लिखा है कि बीते हफ्ते अमेरिका, इजरायल, स्वीडन समेत कई देशों की कंपनियों से प्रस्ताव मंगवाए गए हैं। खरीद प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी करने की कोशिश है। वहीं, एक अलग प्रॉजेक्ट के तहत, 120 लाइट स्ट्राइक वीइकल्स खरीदने के लिए ट्रायल्स चल रहे हैं। स्पेशल फोर्सेज के लिए इन वीइकल्स को हेलिकॉप्टरों के जरिए ढोया जा सकेगा।

- इससे पहले, भारत सरकार ने कई इमर्जेंसी डील्स के तहत आर्मी, नेवी और वायुसेना के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये के गोला बारूद और अन्य कलपुर्जों की खरीद को मंजूरी दी है। सेनाएं किसी जंग में तुरंत उतरने और कम से कम 10 दिन तक बड़े पैमाने पर ऑपरेशंस चलाने के लिए तैयार रहें, ऐसा सुनिश्चित करने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।

- बता दें कि 13 लाख सैनिकों से सुसज्जित भारतीय सेना में बेहद प्रशिक्षित स्पेशल कमांडोज हैं। इनमें 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज और 5 पैरा एयरबोर्न बटैलियन भी शामिल हैं। हर यूनिट में 620 सैनिक हैं। इन कमांडोज को स्पेशल फोर्सेज का हिस्सा बनने के लिए बेहद कड़े मानसिक और शारीरिक प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है।