आर्मी स्कूल के बच्चे ने शहीदों के घरवालों की मदद का उठाया बीड़ा

नई दिल्ली(14 अक्टूबर)::देश के लिए जहां एक तरफ जवान सरहद पर अपनी जानी की बाज़ी लगा रहे है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार वाले भी जवानों का हौसला बुलंद करते हुए नज़र आ रहे हैं।

- मुम्बई के एक आर्मी स्कूल में पढ़ रहें अधिराज ठाकुर ने देश के लिए जान गवाने वाले शहीदों के परिवारों की मदत करने का बीड़ा उठाया है।

- महज़ 16 साल की उम्र में अधिराज ने वो काम कर दिखाया है जिसे करने के लिए बड़ों को भी कई बार सोचना पड़ता है। अधिराज ने बीड़ा उठाया है देश के लिए शहीद हुए जवानों के बच्चों की पढाई के लिए पैसे इक्कठा करने का। अधिराज ने अब तक करीब 80 हज़ार रूपए इक्कठा किये है जिसका इस्तेमाल उरी हमले में मारे गए जवानों के बच्चो की 12वीं तक पढ़ाई में लिए किया जायेगा।

-अधिराज की मानें तो उनका सबसे ज़्यादा हौसला उनकी मां ने बढ़ाया है। मां के कहने पर ही अधिराज यह मुहीम शुरू की है। जिसमें अब और भी लोग जुड़ते जा रहे हैं। परिवार ये भी चाहता है कि सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं बल्कि जवानों के परिवार वालों की हर तरह मदद करने की कोशिश की जाये, ताकि जवानों को लगे की हम अकेले नही हैं ।

-अधिराज के पिता खुद फ़ौज में कर्नल के पद पर तैनात है। और इस वक़्त कश्मीर में सरहद पर तैनात है। शहीदों की विधवाओं और बच्चों की मदद का ख्याल भी एक सैनिक का बेटा होने और उनके दर्द को समझने के कारण हुआ है ।