हिजबुल मुखिया सलाउद्दीन के बेटे को सेना ने आतंकी हमले में बचाया

आसिफ सुहाफ, श्रीनगर (25 फरवरी): भारतीय सेना ने एक बार इंसानियत का परिचय दिया है। जिस वक्त पंपोर में आतंकी भारतीय सेना पर गोलियां बरसा रहे थे, खून के प्यासे बने हुए थे, उस वक्त हमारी भारतीय सेना एक आतंकी के बेटे को अपनी जान पर खेल कर बचा रही थी। 

सवाल है कि क्या भारतीय सेना की इस इंसानियत और जाबांजी की मिसाल के आइने में वो आतंकी अपना चेहरा देख पाएंगे, जिनके दिलों दिमाग में नफरत का जहर फैला हुआ है। जिके बेटे को सेना ने आतंकी से बचाया है, उसका नाम है सैय्यद सलाउद्दीन।

 

दरअसल, श्रीनगर से 16 किमी दूर पंपोर के इंटरप्रेन्‍योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (ईडीआई) परिसर में हुए हमले में जहां मुठभेड़ में भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। 

बताया जा रहा है कि जब आतंकियों ने यह हमला किया, तो हिजबुल चीफ सलाहुद्दीन का पुत्र सैयद मुईन ईडीआई ऑफिस में फंस गया था। वह यहां आईटी मैनेजर के तौर पर काम करता है। 

ऐसे में सुरक्षा बलों को तीन इमारतों की हर मंजिल को खाली कराना था क्योंकि, आतंकी इनका कंक्रीट बंकर के तौर पर फायरिंग के लिए प्रयोग कर रहे थे। सलाहुद्दीन के तीन बेटों में से एक मुईन है। पुलिस के मुताबिक, उसका किसी आतंकी संगठन से कोई भी ताल्लुक नहीं है।  

देखिए न्यूज़24 की रिपोर्ट

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