प. बंगाल के टोल प्लाजा पर आर्मी, ममता बोली यह आपातकाल से भी बुरी स्थिति

नई दिल्ली (1 दिसंबर): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार को सूचित किए बगैर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर पलसित और दनकुनी के दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गई है जो  गंभीर मुद्दा है। उन्होंने राज्य सचिवालय में डेरा डाल लिया है, उनका कहना है कि जब तक इसके सामने स्थित टोल प्लाजा से सेना नहीं हटाई जाती, वह तब तक वहां से नहीं हटेंगी । ममता ने कहा, ‘राज्य सरकार को सूचित किए बगैर दो टोल प्लाजा पर सेना तैनात की गयी है। यह बहुत गंभीर स्थिति है, आपातकाल से भी खराब है।’ बनर्जी के आरोपों पर सेना ने कहा है कि वह इस प्रकार की कवायद पूरे देश में सालाना तौर पर करती है। इस तीन दिवसीय अभ्यास का कल आखिरी दिन है। इसका मकसद यह होता है कि सेना को किसी आपात स्थिति में कितने वाहन उपलब्ध हो सकते हैं।

सेना का कहना है कि उस गाड़ी पर निशान भी लगा दिया जाता है, ताकि अगला चेक पॉइंट यह जान सके कि इस वाहन के मानकों की जांच हो चुकी है। इस कवायद से डरने की कोई बात नहीं है और यह सरकार के आदेश के मुताबिक होता है। ममता बनर्जी ने जानना चाहा था कि क्या यह संघीय व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने कहा था कि अवसर मिलने पर इस मुद्दे को लेकर मैं राष्ट्रपति से बात करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सेना हमारी संपत्ति है। हमें उनपर गर्व है। हमें बड़ी अपदाओं और सांप्रदायिक तनाव के दौरान सेना की जरुरत होती है।’