सेना की MNS को फटकार, नहीं चाहिए 5 करोड़ की मदद

नई दिल्ली (23 अक्टूबर): फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' की रिलीज को लेकर एमएनएस की शर्तों पर आर्मी ने नाराजगी जताई है। आर्मी अफसरों ने कहा है कि सेना को राजनीति में न घसीटा जाए, हम स्वेच्छा से दिया गया फंड ही लेते हैं, न कि इस तरह की जबरदस्ती से।

आर्मी अफसरों ने और क्या कहा... - मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्मी अफसरों का कहना है- 'सेना गैर-राजनीतिक और धर्मनिरपेक्ष है, इसे राजनीतिक फायदे के लिए नहीं घसीटा जाना चाहिए।' - पूर्व नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस जायसवाल ने कहा- 'आर्मी भीख में दिया गया फंड नहीं लेती है, अगर फिल्म प्रोड्यूसर कुछ दान देना ही चाहते हैं तो उन्हें बाकी भारतीयों की तरह ही इसे देना चाहिए, न कि इस तरीके से।' - जायसवाल ने यह भी कहा कि अगर यह मामला इतना ही सेंसिटिव है तो सरकार को ही इस बारे में कोई आखिरी फैसला करना चाहिए। - कारगिल वॉर हीरो ब्रिगेडियर कौशल ठाकुर (रिटायर्ड) ने कहा- 'नेशनल सेंटिमेंट्स का शोषण नहीं किया जाना चाहिए, अगर कुछ गलत है, तो वह गलत है, दबाव बनाकर 5 करोड़ रुपए के डोनेशन को आखिर सही कैसे ठहराया जा सकता है? राजनीतिक फायदे के लिए आर्मी का मिसयूज नहीं किया जाना चाहिए।'

क्या हैं राज ठाकरे की शर्तें? - महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस के घर बीते शनिवार को एक अहम मीटिंग हुई। इसमें मूवी के प्रोड्यूसर करन जौहर, प्रोड्यूसर्स गिल्ड के प्रेसिडेंट मुकेश भट्ट और फिल्म में पाक एक्टर्स का विरोध कर रही मनसे के चीफ राज ठाकरे मौजूद थे। - माना जा रहा है कि राज ठाकरे ने विरोध वापस लेने के एवज में 3 शर्तें रखीं जो मान ली गईं। - पहली शर्त थी- 'ऐ दिल...' की शुरुआत में शहीदों के सम्मान में एक मैसेज दिखाया जाए। - दूसरी: प्रोड्यूसर्स अब पाक आर्टिस्ट्स के साथ काम न करें। - तीसरी: जिन प्रोड्यूसर्स की फिल्मों में पहले से पाक एक्टर्स हैं, उन्हें 5 करोड़ आर्मी वेलफेयर फंड में देने होंगे।