बिना युद्ध के भारतीय सेना हर साल खो रही 1600 जवान

नई दिल्ली ( 3 दिसंबर ): भारतीय सेना (जल, थल, वायु) हर साल अपने 1,600 जवान गंवा रही है वो बिना युद्ध के। असल में सड़क हादसों और सुसाइड की वजह से यह आंकड़ा इतना बढ़ गया है। यह संख्या जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में शहीद होने वाले जवानों की संख्या से दोगुनी है। 

एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, हादसों में सेना (थल, जल, वायु) के 350 जवानों ने जान गंवाई। वहीं 120 ने आत्महत्या किया। इसके अलावा ट्रेनिंग के दौरान होने वाली दुर्घटना, स्वास्थय संबंधी दिक्कत भी जान जाने की बड़ी वजह हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक, आर्मी, नेवी और इंडियन एयर फोर्स ने 2014 से अबतक 6,500 कर्मियों को खोया है। सीनियर अधिकारी मानते हैं कि जवान मानसिक तौर पर परेशान रहते हैं जिसकी वजह से वे सुसाइड जैसा कदम उठाते हैं, इसको रोकने के लिए तरह-तरह के कई प्रयास किए जाने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन अबतक कोई ठोस कामयाबी मिलती नहीं दिख रही।

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