जानें, सेना के तीनों अंगों की सलामी अलग-अलग क्यों होती है

नई दिल्ली(12 फरवरी): सेना के तीनों ही अंगों में सलामी का एक अपना महत्व होता है। अगर आप सेना के तीनों अंगों की सलामी को देखें तो अलग-अलग होता है। इन तीनों सेनाओं के सलामी के बारे में आपको बताते हैं। 

- भारतीय थल सेना - खुली हथेली से सामने की तरफ सामना करती है 

भारतीय सेना में, सलामी हथियार के साथ एक खुली हथेली इशारे से दिया जाता है सलामी देने के वक्त सभी उंगलियां और अंगूठे टोपी की सजावटी पट्टी ओर भौंह को स्पर्श करता है। यह न केवल सैनिकों के बीच विश्वास स्थापित करता है , बल्कि यह भी साबित होता है कि व्यक्ति को सलामी देने के वक्त मन में कोई बुरा इरादा नहीं है और कहीं कोई हथियार भी छिपा हुआ नहीं है।

 भारतीय नौसेना - खुली हथेलियों से जमीन की तरफ सामना करती है 

भारतीय नौसेना में, हथेली माथे स्पर्श कर 90 डिग्री के कोण पर जमीन का सामना कर सलामी दिया जाता है। असल में, इसके पीछे कारण यह है भारतीय नौसेना हमेशा जहाज पर काम करने कि वज़ह से तेल या तेल दाग के कारण हाथ गंदे हो जाते हैं ऐसे में हाथों को छिपाने के लिए खुली हथेलियों से जमीन की तरफ सलामी देतें है।

भारतीय वायु सेना -खुली हथेली से 45 डिग्री के कोण कर जमीन की तरफ सामना करती है 

मार्च 2006 में, भारतीय वायु सेना अपने कर्मियों को सलामी के लिए नए मानदंडों को जारी किए हैं। इस नई सलामी में हथेली को भूमि कि तरफ 45 डिग्री के कोण बनाकर देने की मानदंडों में शामिल किया गया है।