आर्मी अफसर का खुलासा- सेना सर्जिकल स्ट्राइक की PoK से दिल्ली तक कर रही थी लाइव स्ट्रीमिंग

नई दिल्ली(29 सितंबर): पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना द्धारा सर्जिकल स्ट्राइक को आज एक साल हो गए। इस सर्जिकल स्ट्राइक की लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही थी। भारतीय सेना के उत्तरी कमांड के पूर्व जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ ले. जनरल (रिटा.) डीएस हूडा ने खुद इसका खुलासा किया। 

- पाक अधिकृत कश्मीर के टेरर लॉन्च पैड से हो रही इस लाइव स्ट्रीमिंग को उधमपुर और दिल्ली स्थित सेना के मुख्यालय तक देखा जा रहा था। ले. जनरल (रिटा.) हूडा 40 साल की सेवा के बाद पिछले साल 30 नवंबर को रिटायर हुए हैं।

- उन्होंने बताया कि राजनीतिक नेतृत्व द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में टेरर लॉन्च पैड पर हमला करने का फैसला लिए जाने के बाद किस तरह पिछले साल 28 सितंबर को सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग को अंजाम दिया।  'हां, हम लोगों को लाइव इमेज मिल रही थी। मैं उधमपुर स्थित कमांड हेडक्वॉर्टर के ऑपरेशन रूम में बैठा हुआ था। मैंने पूरे ऑपरेशन को लाइव देखा, कैसे हमारी टीम ने टारगेट पर हमला किया और पूरी लाइव फीड दिल्ली स्थित आर्मी हेडक्वॉर्टर भेजी जा रही थी।'

- पूर्व आर्मी कमांडर ने कहा, 'मुझे नहीं मालूम कि दिल्ली में कौन इसे देख रहा था लेकिन उधमपुर में हमलोग इसे देख रहे थे।' 

- ले. जनरल (रिटा.) हूडा ने यह खुलासा किया कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद स्पेशल फोर्सेज की अंतिम टीम सुबह 6.30 या 7 बजे के आसपास वापस लौटी। 'कुछ टीमें पहले लौट आई थीं। उन्होंने अपने टारगेट को मध्यरात्रि के बाद ध्वस्त कर दिया था और वापस लौट गए थे, जबकि कुछ अन्य टीमें बाद में गईं थी और देर से लौटीं।'' 'पाकिस्तान की सेना में गजब की घबराहट थी। कुछ जगहों पर उन्होंने बेतरतीब ढंग से फायरिंग भी की। हमारे पास बैकअप प्लान भी था। अगर कोई टीम ऑपरेशन के दौरान फंस जाए और वापस लौटने में कठिनाई हो तो इसके लिए भी हमारे पास टीम थी, जो उन्हें रेस्क्यू करके वापस ला सके।'

- पूर्व आर्मी कमांडर ने यह भी खुलासा किया कि सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक खत्म होने के तुरंत बाद इसकी घोषणा करने का मन बना लिया था। 'यह पहले से तय कर लिया गया था। सरकार ने यह फैसला कर रखा था कि हमलोग सर्जिकल स्ट्राइक के बाद इसकी घोषणा करेंगे। अगर हम यह चुपचाप करते और यदि यह योजना के मुताबिक नहीं होता तो आप यह कह सकते हैं कि कुछ नहीं हुआ, हमने किसी तरह का हमला नहीं किया।'  'लेकिन इस बार सरकार ने यह फैसला लिया कि अगर यह सफल सर्जिकल स्ट्राइक होती है तो तब हम लोग इसका क्रेडिट लेंगे। अगर यह सफल नहीं होती तो उन्हें आलोचना भी झेलनी पड़ती। इसलिए इस अभियान को सफल बनाने के लिए भारतीय सेना पर बड़ा दबाव था।'