लेफ्टिनेंट उमर की हत्या का बदला लेगी सेना

नई दिल्ली(11 मई): भारतीय सेना ने 23 वर्षीय कश्मीरी सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फयाज के हत्यारों को सजा देने का संकल्प लिया। सेना ने इस घटना को 'कायरतापूर्ण कृत्य' करार देते हुए राजपूताना राइफल्स के कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने बुधवार को कहा कि कश्मीर ने अपना एक बेटा खो दिया है। फयाज के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा।


- उन्होंने कहा कि अपराधियों को दंडित करने के लिए लोगों को एकजुट हो जाना चाहिए। दक्षिणी पश्चिमी कमान के मुख्य कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कृष्णा ने कहा, 'कश्मीर ने अपना बेटा खोया है और हमने एक होनहार अधिकारी खोया है। मुझे भरोसा है कि कश्मीर के लोगों को इसका एहसास होगा। वे एकजुट होंगे और अपराधियों को दंडित करेंगे।'


-कृष्णा ने कहा, 'यह कायर और बर्बर अपराधियों, जेहादी आतंकवादियों के हाथों एक दुखद नुकसान है। वह एक बेहतरीन अधिकारी और एक उत्कृष्ट खिलाड़ी थे।' इससे पहले एक लिखित बयान में वरिष्ठ सेना अधिकारी ने कहा था कि इस जघन्य अपराध और कायरतापूर्ण कृत्य के लिए अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।


- उन्होंने कहा कि सेना शोक संतप्त परिवार के साथ है। लेफ्टिनेंट उमर जम्मू एवं कश्मीर के अखनूर क्षेत्र में सेवारत थे, वह अपने पैतृक घर कुलगाम में छुट्टी पर थे। अधिकारी ने कहा कि उमर का मंगलवार को आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया, जब वह एक शादी कार्यक्रम में गए थे। अगले दिन वह मृत पाए गए। उमर का गोलियों से छलनी शव दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले से बरामद किया गया।


- एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि फयाज ने आर्मी जॉइन करने के बाद पहली बार छुट्टी ली थी। वह 25 मई को छुट्टी से वापस आने वाले थे। फयाज की हत्या से स्थानीय कश्मीरियों में गुस्सा है और उन्होंने इसके पीछे शामिल लोगों को सजा दिए जाने की मांग की है।


- फयाज की राजपूताना राइफल्स के जवान बताते हैं कि सभी साथी जवान उन्हें बहुत पसंद करते थे। वह किसी भी काम से पीछे नहीं हटते थे। फयाज के पिता एक किसान हैं जो सेब की खेती करते हैं। फयाज NDA की हॉकी टीम का हिस्सा थे और वह वॉलीबॉल के भी अच्छे खिलाड़ी भी थे।