फिर से कॉलेज पढने जायेंगें सेना के अफसर !

नई दिल्ली (25 अप्रैल): सेना अपने मेजर जनरल्स के कौशल को बढ़ाने की योजना पर गौर कर रही है। 290 से ज्यादा मेजर जनरल्स को शॉर्ट टर्म कोर्स कराया जाएगा। तेजी से बदलती सैन्य तकनीकों, दिन-ब-दिन उभरते नए खतरों और बदलती हुई भौगोलिक एवं राजनीतिक स्थितियों के मुताबिक उनको तैयार करने के लिए यह जरूरत महसूस की गई।पिछले हफ्ते थल 

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की अध्यक्षता में आर्मी कमांडर की कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ था, जिसमें मेजर जनरल रैंक तक पहुंचने वाले कुछ अधिकारियों के लिए अल्पकालीन प्रशिक्षण कोर्सों को मंजूरी दी गई। तकनीक में तेजी से हो रहे बदलाव, युद्ध में सूचना की बढ़ रही भूमिका, भौगोलिक और राजनीतिक स्थितियों में हो रहे बदलाव, सामाजिक परिवर्तन, सैनिकों की बदलती आकांक्षाएं, सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का प्रसार एवं अन्य चुनौतियों की वजह से सेना में सीनियर लीडर्स के लिए जटलिताएं बढ़ी हैं। इन चुनौतियों का सामना करने योग्य उनको बनाने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत है।